भारत
एक घंटा पहले
2
विचारों
भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों की वापसी का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। इसी सिलसिले में विदेश मंत्रालय ने स्थिति को साफ करते हुए बताया है कि किसी भी विदेशी नागरिक को उसके देश वापस भेजने के लिए एक निश्चित कानूनी और द्विपक्षीय व्यवस्था मौजूद है, जिसका पूरी तरह पालन किया जाता है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, संबंधित देश द्वारा नागरिकता की पुष्टि किए जाने के बाद ही निर्वासन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।
विदेशी नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया क्या है
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में गैर-कानूनी ढंग से रह रहे विदेशी नागरिकों, जिनमें बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं, के खिलाफ देश में कानून मौजूद हैं और उन्हीं के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्वासन के लिए एक द्विपक्षीय प्रबंध है, जिसके अंतर्गत ऐसे मामलों को बांग्लादेश के पास भेजा जाता है ताकि वहां इन लोगों की राष्ट्रीयता की पहचान की जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद ही भारत ऐसे विदेशी नागरिकों के निर्वासन की कार्रवाई को आगे बढ़ाता है।
बांग्लादेश के पास ऐसी कई अपील लंबित हैं और हमें उम्मीद है कि इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई होगी, ताकि भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों का निर्वासन प्रभावी और सुचारू तरीके से किया जा सके।
भारत दौरे पर पहुंचे नेपाल के विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री की भारत यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल के विदेश मंत्री कुछ समय पहले ही भारत पहुंचे हैं और वे भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे।
नेपाल के साथ रिश्ते मजबूत करने पर होगी बातचीत
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि नेपाल के साथ भारत का विकास-सहयोग से लेकर व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संपर्क (पीपल-टू-पीपल) तक का व्यापक एजेंडा है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात में इन्हीं विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने जोड़ा कि भारत नेपाल के साथ अपनी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उत्सुक है।
Su-57 से जुड़े सवाल पर रक्षा मंत्रालय की ओर इशारा
Su-57 से संबंधित सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि रूस और भारत के बीच रक्षा संबंध मजबूत हैं और वर्षों से चले आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी रक्षा मंत्रालय से प्राप्त की जा सकती है।
Comments
0 comment