ताजमहल में आने-जाने का तय नहीं है कोई वक्त, सूरज की चाल से बदलता है समय, जानिए पूरी बात उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
आगरा के ताजमहल में प्रवेश और निकासी का कोई निश्चित समय नहीं होता, बल्कि यह सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदलता रहता है। आम तौर पर यह स्मारक सूर्योदय से 30 मिनट पहले खुलता है और सूर्यास्त से 30 मिनट पहले बंद हो जाता है।

उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल को निहारने के लिए देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। इसकी अनुपम सुंदरता, बारीक नक्काशी और बेजोड़ वास्तुकला हर किसी का मन मोह लेती है। मगर बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि इस ऐतिहासिक इमारत में आने और जाने का कोई पक्का समय तय नहीं है। दरअसल यह समय सूर्योदय और सूर्यास्त के हिसाब से तय होता है।

इतिहास के जानकारों के मुताबिक ताजमहल आम तौर पर सूर्योदय से 30 मिनट पहले खुल जाता है और सूर्यास्त से 30 मिनट पहले इसके दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। सर्दी और गर्मी के मौसम में सूर्योदय के बदलते वक्त के साथ यह समय भी थोड़ा-बहुत आगे-पीछे होता रहता है।

द्वारों के खुलने का अलग-अलग नियम

ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी द्वार पूरे दिन खुले रहते हैं। वहीं दक्षिणी द्वार पर सिर्फ सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ही टिकट उपलब्ध रहती है।

सूरज तय करता है आवाजाही का समय

आगरा के वरिष्ठ प्रोफेसर राजपाल सिंह बताते हैं कि ताजमहल में प्रवेश और निकासी का समय सूर्य के अनुसार ही निर्धारित किया जाता है। उनके अनुसार बहुत कम लोग जानते हैं कि इस स्मारक का अपना कोई निश्चित समय नहीं है और यह सूर्योदय व सूर्यास्त के आधार पर ही अपना समय तय करता है।

उन्होंने बताया कि ताजमहल सामान्य रूप से सूर्योदय से 30 मिनट पहले खुलता है और सूर्यास्त से 30 मिनट पहले बंद हो जाता है। मौसम के मुताबिक इस समय में कई बार बदलाव भी देखने को मिलता है।

प्रोफेसर सिंह सलाह देते हैं कि अगर कोई व्यक्ति ताजमहल देखने के लिए आगरा आ रहा है तो उसे एक बार मौसम तथा सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि उसे सही और सटीक समय की जानकारी पहले से मिल सके।

सूरज की पहली किरण में दमकता है ताज

प्रोफेसर राजपाल सिंह के अनुसार गर्मियों में ताजमहल को निहारने का सबसे बेहतरीन वक्त सुबह सूरज की पहली किरणों के साथ होता है। इस समय मौसम बेहद सुहावना रहता है, जिससे ताजमहल की खूबसूरती और भी निखर जाती है।

उन्होंने बताया कि सुबह ताजमहल देखने का एक बड़ा फायदा यह है कि उस वक्त भीड़ कम होती है। इससे पर्यटक पूरे स्मारक को आराम से देख सकते हैं और सेल्फी भी ले सकते हैं। गर्मियों में दोपहर के समय थोड़ी दिक्कत हो सकती है, इसलिए सुबह का समय ही सबसे अच्छा माना जाता है।

उन्होंने कहा कि जब सूरज की पहली किरण ताजमहल के सफेद संगमरमर पर पड़ती है तो एक अद्भुत नजारा सामने आता है। जैसे-जैसे धूप तेज होती जाती है, वैसे-वैसे ताजमहल का रंग भी बदला हुआ दिखाई देने लगता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!