बारहमासी नींबू ने बदली भरतपुर के किसानों की तकदीर, साल के बारह महीने मिल रहा फल और मुनाफा राजस्थान एक घंटा पहले 3
राजस्थान के भरतपुर जिले में बारहमासी नींबू की बागवानी किसानों के लिए नियमित आमदनी का भरोसेमंद जरिया बन रही है। पूरे साल फल देने वाली इस किस्म की लगातार मांग से किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा और आर्थिक स्थिरता मिल रही है।

राजस्थान के भरतपुर जिले में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। परंपरागत फसलों के साथ-साथ अब बड़ी संख्या में किसान बागवानी की ओर झुक रहे हैं और इसमें बारहमासी नींबू की खेती उनकी कमाई का मजबूत आधार बनती जा रही है। यह खेती किसानों को न सिर्फ अच्छा मुनाफा दे रही है, बल्कि पूरे साल लगातार आमदनी का साधन भी साबित हो रही है।

हर महीने मिलता है फल

बारहमासी नींबू की सबसे खास बात यह है कि इसके पौधों पर 12 महीने फल लगते रहते हैं। जहां दूसरी फसलों में पैदावार मौसम के हिसाब से ही मिलती है, वहीं इस किस्म से किसानों को निरंतर उत्पादन मिलता है। यही वजह है कि किसान अब इसे बड़े पैमाने पर अपनाने लगे हैं। भरतपुर के भुसावर इलाके में तो यह खेती खास तौर पर लोकप्रिय हो चुकी है, जहां कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर नींबू की बागवानी में हाथ आजमा रहे हैं।

बड़ा आकार और ज्यादा रस बढ़ाता है मांग

इस नींबू की गुणवत्ता भी इसे बाजार में अलग पहचान देती है। आम नींबू के मुकाबले इसका आकार बड़ा होता है और इसमें रस की मात्रा भी अधिक रहती है। इसी कारण बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। अचार बनाने वाले उद्योग और होटल कारोबार में इस नींबू का खूब इस्तेमाल होता है। बड़ा और रसदार होने के चलते व्यापारी इसे प्राथमिकता देते हैं, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं।

कृषि विभाग ने बताया फायदेमंद सौदा

कृषि विभाग के उप निदेशक जनक राज मीणा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि बारहमासी नींबू की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह किस्म साल भर फल देती है और इसकी देखभाल भी अपेक्षाकृत आसान है। कम लागत में अधिक उत्पादन होने के कारण किसानों का रुझान तेजी से इस ओर बढ़ रहा है। साथ ही बाजार में इसकी स्थायी मांग होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत नहीं आती।

जोखिम कम, स्थिरता ज्यादा

इस खेती का एक और अहम पहलू यह है कि इसमें जोखिम भी अपेक्षाकृत कम रहता है। मौसम की मार से जहां दूसरी फसलें प्रभावित हो जाती हैं, वहीं नींबू के पौधे लंबे समय तक उत्पादन देते रहते हैं। इससे किसानों को आर्थिक स्थिरता मिलती है।

दूसरों के लिए बने मिसाल

आज भरतपुर के किसान बारहमासी नींबू की खेती के जरिए न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं। बदलती खेती पद्धतियों और नई तकनीकों को अपनाकर वे साबित कर रहे हैं कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए तो खेती भी एक लाभदायक और टिकाऊ कारोबार बन सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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