मानसून की दस्तक और भीषण लू का दोहरा संकट: 4 राज्यों में रेड अलर्ट, 5 में गर्मी की मार भारत 2 घंटे पहले 2
देशभर में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ मानसून की सक्रियता से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी तरफ लू के थपेड़े अभी भी लोगों को परेशान कर रहे हैं।

मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है कि दक्षिण पश्चिम मानसून अब फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। मानसून के आगे बढ़ने के लिए जरूरी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में अपनी पहुंच बनाएगा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में भी मानसून के प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। पिछले करीब 15 दिनों से मानसून की रफ्तार महाराष्ट्र और उसके आसपास के इलाकों में थमी हुई थी, लेकिन अब इसमें फिर से तेजी देखी जा रही है।

भारी बारिश का रेड अलर्ट

मानसून की सक्रियता के चलते उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश का जोर बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने 25 जून तक इन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त, सिक्किम और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में सोमवार को मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यहां अत्यधिक वर्षा हो सकती है। वहीं, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है, जिसके चलते इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

लू का प्रकोप और तापमान की स्थिति

मानसून की आहट के बावजूद देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक लू यानी हीटवेव की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक, जबकि तेलंगाना में अगले 2 दिनों तक गर्मी का प्रकोप रहेगा। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भी सोमवार को लू का असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक तेज धूल भरी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों का हाल

बीते 24 घंटों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहा है। मेघालय के कुछ इलाकों में असाधारण भारी वर्षा दर्ज की गई है। सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। दूसरी ओर, विदर्भ और पूर्व उत्तर प्रदेश जैसे इलाके अभी भी लू की चपेट में हैं, जहां अगले पूरे सप्ताह इसी तरह की स्थिति बने रहने की आशंका है।

तापमान में बदलाव का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो 22 जून तक अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री की कमी आने के आसार हैं, जिसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून तक तापमान स्थिर रहने के बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। बाकी देश में 27 जून तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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