गर्मियों का खजाना है फालसा: खून की कमी दूर करने से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक अनेक लाभ जीवनशैली एक घंटा पहले 3
अरावली और माउंट आबू की पहाड़ियों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला खट्टा-मीठा जंगली फल फालसा शरीर को ठंडक देता है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयरन और विटामिन-सी से भरपूर यह फल लू, डिहाइड्रेशन और खून की कमी से बचाव में सहायक है।

तेज गर्मी के मौसम में सिरोही के माउंट आबू और अरावली की पहाड़ियों पर प्राकृतिक रूप से उगने वाला जंगली फल 'फालसा' सेहत के लिहाज से किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। भीषण तपिश के बीच यह खट्टा-मीठा फल शरीर को राहत देने वाला साबित होता है।

ठंडी तासीर शरीर को देती है राहत

सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. दामोदरप्रसाद चतुर्वेदी के मुताबिक, इस फल की तासीर ठंडी होती है। यही वजह है कि यह शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखता है और लू तथा डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियों से बचाव करता है।

आयरन और विटामिन-सी का भरपूर स्रोत

फालसा में आयरन और विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह खून की कमी को दूर करने में मदद करता है और साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है।

आंखों और त्वचा के लिए लाभकारी

यह फल आंखों की जलन को कम करने में सहायक है और त्वचा में निखार लाने में भी मददगार साबित होता है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे खाली पेट नहीं खाना चाहिए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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