लखनऊ का चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट बना ड्रग्स तस्करी का नया ठिकाना, एक महीने में जब्त हुई 50 करोड़ की खेप उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बीते एक महीने में कस्टम और एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने करीब 50 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी है। हाई क्वालिटी गांजे की ये खेपें ज्यादातर बैंकाक और मस्कट के रास्ते लखनऊ पहुंचाई जा रही थीं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब ड्रग्स माफियाओं के लिए तस्करी का नया अड्डा बनता जा रहा है। बीते एक महीने में कस्टम विभाग और एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने यहां से करीब 50 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की है। जब्त की गई अधिकांश खेपें उच्च क्वालिटी वाले गांजे की हैं, जिन्हें बैंकाक और मस्कट के रास्ते लखनऊ लाया जा रहा था।

लगातार पकड़ी जा रही करोड़ों की खेप

एयरपोर्ट पर पिछले एक महीने में दो बार ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है। शुक्रवार को भी कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर करोड़ों की ड्रग्स जब्त की। इस बार पकड़ी गई खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10.39 करोड़ रुपये बताई गई। हाइड्रोपोनिक गांजे की यह खेप बैंकाक से मस्कट के रास्ते लखनऊ पहुंची थी। इस मामले में एक यात्री को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है और पूरे तस्करी रैकेट की जांच जारी है।

चॉकलेट के पैकेटों में छिपाया गया गांजा

इससे पहले 1 जून को कस्टम विभाग ने मस्कट से आए एक यात्री के पास से करीब 13 करोड़ रुपये कीमत का 13 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया था। इस खेप को चॉकलेट के पैकेटों में छिपाकर लखनऊ लाया गया था।

वहीं मई के पहले सप्ताह में भी इसी तरह की एक बड़ी कार्रवाई हुई थी, जिसमें बैंकॉक से आए यात्रियों के पास से भारी मात्रा में उच्च क्वालिटी की हाइड्रोपोनिक वीड यानी गांजा बरामद किया गया था। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 12 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसी महीने एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बैंकॉक से आ रहे यात्रियों के पास से करीब 14.50 करोड़ रुपये कीमत का 14.87 किलोग्राम हाई क्वालिटी गांजा भी जब्त किया था।

बैंकाक और मस्कट से हो रही सप्लाई

जो गांजा पकड़ा गया है, वह हाई ब्रांड और महंगी किस्म का है, जिसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाना था। पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बैंकाक और मस्कट से भारी मात्रा में ड्रग्स लखनऊ भेजी जा रही है। ये सिर्फ वे मामले हैं, जिन्हें कस्टम और एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने पकड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की कई खेपें पहले ही बाजार तक पहुंचाई जा चुकी होंगी।

सिंडिकेट की तलाश में नारकोटिक्स विभाग

विशेषज्ञों का कहना है कि अब इस पूरे सिंडिकेट को क्रैक करने की जरूरत है। यह जानना अहम है कि इस रैकेट को कौन चला रहा है और इसके तार कहां-कहां तक फैले हुए हैं। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं यूपी के रास्ते इन ड्रग्स को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में तो सप्लाई नहीं किया जा रहा था।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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