मानसून में सेहतमंद रहने का आयुर्वेदिक डाइट प्लान, जानें क्या खाएं और किनसे बनाएं दूरी जीवनशैली एक घंटा पहले 3
बारिश के मौसम में पाचन कमजोर पड़ता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान हल्का, ताजा और जल्दी पचने वाला भोजन लेना और तला-भुना व बासी खाना छोड़ना सेहत के लिए बेहतर रहता है।

बरसात का मौसम लोगों को चिलचिलाती गर्मी से तो राहत देता है, लेकिन इसके साथ ही सेहत से जुड़ी कई परेशानियां भी सिर उठाने लगती हैं। इस दौरान फिट और स्वस्थ बने रहना अपने आप में एक चुनौती बन जाता है। बारिश की वजह से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे पाचन शक्ति सुस्त पड़ जाती है और संक्रमण की आशंका भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि आयुर्वेद में मानसून के लिए खास खानपान अपनाने की सलाह दी गई है।

आयुर्वेद के मुताबिक बरसात में शरीर का पाचन तंत्र कुछ धीमा हो जाता है, इसलिए सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है ताकि शरीर निरोगी रहे और बीमारियों से बचाव हो सके। आयुर्वेद में हर ऋतु के हिसाब से अलग-अलग आहार बताया गया है।

वर्षा ऋतु में क्यों कमजोर पड़ता है पाचन

यूपी के हाथरस स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सरोज गौतम के मुताबिक, वर्षा ऋतु में वात दोष बढ़ने लगता है और जठराग्नि यानी पाचन अग्नि कमजोर पड़ जाती है। इसका सीधा असर भोजन के पचने पर पड़ता है और इस मौसम में भारी खाना आसानी से नहीं पचता।

इसी कारण इन दिनों भारी, तैलीय और मुश्किल से पचने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। अगर खानपान में लापरवाही बरती जाए तो गैस, अपच, पेट दर्द और इंफेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद इस मौसम में हल्के, ताजे और जल्दी पचने वाले भोजन पर जोर देता है।

बारिश में क्या खाना फायदेमंद

आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार इस मौसम में ताजा और हल्का भोजन सबसे अच्छा माना जाता है। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, सूप और हल्की पकी हुई सब्जियां पाचन तंत्र पर कम बोझ डालती हैं और आसानी से पच जाती हैं। घर का ताजा बना भोजन इस दौरान सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

अदरक, काली मिर्च, जीरा, हींग और हल्दी जैसे मसाले पाचन सुधारने में मददगार हो सकते हैं। आयुर्वेद में इन्हें सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। अदरक वाली चाय या भोजन में थोड़ा अदरक शामिल करना कई लोगों के लिए लाभदायक माना जाता है।

इस मौसम में उबला हुआ या गुनगुना पानी पीना बेहतर रहता है। इससे पाचन तंत्र को सहारा मिलता है और पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है। तुलसी, अदरक और दालचीनी से बनी हर्बल ड्रिंक्स भी कई लोगों की पसंद होती हैं।

सब्जियों की बात करें तो आयुर्वेद में अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। लौकी, तोरी, परवल और कद्दू जैसी सब्जियां हल्की मानी जाती हैं और पाचन के लिए आसान हो सकती हैं।

किन चीजों से बनाएं दूरी

डॉक्टर के मुताबिक बरसात में बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। इसलिए लंबे समय तक खुले में रखे सलाद, कटे हुए फल और स्ट्रीट फूड से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

पकौड़े, चिप्स, समोसे और दूसरे तले हुए व्यंजन भले ही स्वाद में अच्छे लगें, लेकिन अधिक मात्रा में खाने पर ये पाचन से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकते हैं। आयुर्वेद में बासी भोजन को सेहत के लिए ठीक नहीं माना गया है, खासकर बारिश के मौसम में लंबे समय तक रखा खाना जल्दी खराब हो सकता है और संक्रमण की वजह बन सकता है।

बहुत ठंडी या बर्फ वाली ड्रिंक्स कुछ लोगों में पाचन को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इस मौसम में गुनगुने या सामान्य तापमान वाले पेय बेहतर माने जाते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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