खाड़ी में मचेगी भारी तबाही, ईरान ने ट्रंप की धमकी के बाद जारी की स्ट्राइक लिस्ट विश्व एक घंटा पहले 4
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले के संकेत के बाद तेहरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने मध्य पूर्व के प्रमुख तेल और गैस प्रतिष्ठानों की एक सूची तैयार की है जिन्हें वह जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाएगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की संभावना जताई है, जिसके बाद तेहरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए तबाही मचाने की धमकी दी है। तस्नीम न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका या इज़राइल ने ईरान पर किसी भी तरह का नया हमला किया, तो ईरान मध्य पूर्व के तेल और गैस संसाधनों को पूरी तरह से नष्ट कर देगा। इसके लिए ईरान ने उन तमाम अहम ठिकानों की सूची तैयार कर ली है जिन्हें वह अपनी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बनाएगा।

ईरान की तबाही वाली सूची में शामिल ठिकाने

ईरान ने उन प्रमुख ऊर्जा केंद्रों को चिन्हित किया है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण हैं। ईरान की संभावित टारगेट लिस्ट में शामिल प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं:

  • सऊदी अरब का घावर ऑयल फ़ील्ड, जो दुनिया भर में होने वाली कुल तेल आपूर्ति का 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले संभालता है।
  • अबकैक और खुराईस फ़ैसिलिटीज़, जहाँ से रोज़ाना 70 लाख बैरल से अधिक तेल का उत्पादन किया जाता है।
  • संयुक्त अरब अमीरात की रुवाइस रिफ़ाइनरी, जहाँ रोज़ाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल की प्रोसेसिंग होती है, और ज़ाकुम ऑयल फ़ील्ड।
  • कतर का रास लाफ़ान और नॉर्थ फ़ील्ड, जो दुनिया के कुल लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (LNG) व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करते हैं।
  • कुवैत का बुरगन ऑयल फ़ील्ड, जहाँ से प्रतिदिन करीब 20 लाख बैरल तेल निकलता है, साथ ही बहरीन की सिट्रा रिफ़ाइनरी और अल-मिहाज।
  • इज़राइल के तामार और लेविआथन गैस फ़ील्ड भी इस सूची का हिस्सा हैं।

ईरान का कड़ा संदेश

ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तेहरान ने किसी भी तरह की मनमानी या आक्रामक हरकत का करारा जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। ईरान ने अतीत की घटनाओं का हवाला देते हुए याद दिलाया कि कैसे एक 40-दिन के संघर्ष के दौरान उन्होंने कतर की प्रमुख गैस रिफ़ाइनरी को निशाना बनाया था, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप को ट्रुथ सोशल के माध्यम से माफ़ी माँगनी पड़ी थी। अधिकारी का मानना है कि अमेरिका इस पुरानी गलती को दोबारा दोहराने की हिम्मत नहीं करेगा।

क्या ट्रंप लेंगे अंतिम फैसला?

वर्तमान में ईरान की ओर से आई यह चेतावनी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सैन्य हमले करने पर गंभीरता से मंथन कर रहे हैं। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियस (Axios) को जानकारी दी है कि राष्ट्रपति ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित सैन्य कार्रवाई के पीछे मुख्य उद्देश्य ईरान पर इतना अधिक दबाव बनाना है कि वह युद्धविराम से जुड़ी वार्ता में अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर हो जाए। जानकारों का कहना है कि इन हमलों में इज़राइली सेना भी शामिल हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप ईरान द्वारा इज़राइल पर भारी मिसाइल हमले होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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