जीवनशैली
3 घंटे पहले
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हमारे यहां शादी तय करने से पहले लड़के और लड़की की कुंडली मिलाई जाती है और दोनों परिवारों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाती है। ऐसा मानना है कि इससे रिश्ता मजबूत बनता है और विवाह के बाद दिक्कतें कम आती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि जिस तरह बाकी चीजों की पड़ताल की जाती है, उसी तरह सेहत की जांच भी करा लेनी चाहिए।
शादी से पहले कुछ मेडिकल टेस्ट करा लेने पर भविष्य में स्वास्थ्य, फैमिली प्लानिंग और आपसी संबंधों से जुड़ी समस्याओं को समय रहते समझा जा सकता है। अगर किसी तरह की स्वास्थ्य परेशानी हो तो उसका इलाज भी वक्त रहते शुरू किया जा सकता है।
जांच का मकसद किसी को परखना नहीं
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत के मुताबिक, प्रीमैरिटल हेल्थ चेकअप का उद्देश्य किसी पर निर्णय सुनाना नहीं, बल्कि दोनों साथियों को उनकी मेडिकल स्थिति के प्रति जागरूक बनाना है। इससे कई बीमारियों का पता समय रहते चल जाता है और जरूरत पड़ने पर सही इलाज किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कई बार शरीर में बीमारियां पनप रही होती हैं और हमें इसका अंदाजा तक नहीं होता। शादी के बाद ये बीमारियां साथी तक भी पहुंच सकती हैं। ऐसी मुश्किलों से बचने के लिए विवाह से पहले स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है।
ब्लड ग्रुप और Rh फैक्टर टेस्ट
शादी से पूर्व ब्लड ग्रुप और Rh फैक्टर की जांच को बेहद अहम माना जाता है। आने वाले समय में बच्चे की प्लानिंग के लिहाज से Rh फैक्टर की जानकारी डॉक्टरों को संभावित जटिलताओं का आकलन करने में मदद करती है। अगर महिला का Rh नेगेटिव और पुरुष का Rh पॉजिटिव हो, तो गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त मेडिकल निगरानी की आवश्यकता पड़ सकती है।
थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग
थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से संतान में पहुंच सकता है। यदि दोनों साथी थैलेसीमिया ट्रेट के वाहक हैं, तो बच्चे में गंभीर थैलेसीमिया की आशंका बढ़ जाती है। एक साधारण रक्त जांच से यह पता चल जाता है कि व्यक्ति इस स्थिति का वाहक है या नहीं। समय रहते जानकारी मिलने पर कपल जेनेटिक काउंसलिंग का विकल्प चुन सकते हैं।
सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन टेस्ट
कुछ यौन संचारित संक्रमण (STI) लंबे समय तक बिना किसी साफ लक्षण के भी शरीर में मौजूद रह सकते हैं। शादी से पहले STI स्क्रीनिंग कराने पर दोनों साथियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल जाती है। समय पर पहचान हो जाने पर इन संक्रमणों का इलाज या प्रबंधन आसान हो जाता है, जिससे आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का खतरा घट जाता है।
HIV टेस्ट
HIV की जांच भी प्रीमैरिटल हेल्थ चेकअप का एक अहम हिस्सा है। इस जांच का मकसद दोनों साथियों को सही स्वास्थ्य जानकारी देना और जरूरी चिकित्सा सहायता तक पहुंच सुनिश्चित करना है। आज के दौर में HIV के साथ भी लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, बशर्ते समय पर जांच और इलाज हो।
फर्टिलिटी और बेसिक चेकअप
फर्टिलिटी से जुड़े कुछ बुनियादी टेस्ट और सामान्य स्वास्थ्य जांच भी फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इनमें ब्लड शुगर, थायरॉयड, हीमोग्लोबिन, लिवर और किडनी फंक्शन जैसी जांचें शामिल हो सकती हैं। इन परीक्षणों से ऐसी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जो भविष्य में गर्भधारण या समग्र सेहत पर असर डाल सकती हैं। हालांकि फर्टिलिटी टेस्ट कराने का फैसला व्यक्तिगत हालात और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच हर किसी के लिए जरूरी है।
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