हरिद्वार: सावन के आखिरी सोमवार पर शिव भक्तों का सैलाब, जानिए भोलेनाथ के ससुराल में पूजा का महत्व उत्तराखंड 2 घंटे पहले 2
सावन के पावन महीने के आखिरी सोमवार पर हरिद्वार के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव सावन के दौरान अपनी ससुराल में वास करते हैं।

हरिद्वार के शिवालयों में आस्था का सैलाब

सावन के महीने के आखिरी सोमवार को हरिद्वार के मंदिरों में भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली। गंगा तट से लेकर शहर के प्रमुख शिवालयों तक, सुबह से ही कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिव भक्त बड़ी संख्या में गंगाजल और दूध लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने पहुंचे और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

क्यों खास है हरिद्वार में सावन का महीना

धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, सावन के पूरे महीने भगवान शिव कैलाश पर्वत छोड़कर अपनी ससुराल यानी हरिद्वार में निवास करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान से भगवान शिव पूरी सृष्टि का संचालन करते हैं। यही कारण है कि सावन के दौरान हरिद्वार के शिवालयों में दर्शन और पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।

दक्षेश्वर महादेव मंदिर का विशेष महत्व

हरिद्वार स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव की ससुराल माना जाता है। यहाँ न केवल चमत्कारी शिवलिंग स्थापित है, बल्कि राजा दक्ष की यज्ञ शाला भी मौजूद है। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों का मानना है कि इस पवित्र स्थान पर भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शुक्रवार तक भगवान शिव के यहीं निवास करने की परंपरा के चलते मंदिरों में विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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