उपनाम: हरिद्वार
हरिद्वीर की हर की पौड़ी में गंगनहर की बंदी से सूखा जलप्रवाह, घाटों पर उभरा प्लास्टिक और फटे कपड़ों का अंबार
हरिद्वार में गंगनहर की वार्षिक बंदी के कारण हर की पौड़ी पर गंगा का जलप्रवाह थम गया है। पानी हटने के बाद घाटों पर भारी मात्रा में पुराने कपड़े, जूते और प्लास्टिक कचरा दिखाई दे रहा है, जिससे 7 नवंबर तक श्रद्धालुओं को बिना स्नान किए लौटना पड़ रहा है।
हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत किया जारी
हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेला-2027 के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और थीम सॉन्ग लॉन्च किया है।
पितृपक्ष 2026: पैसे की तंगी से हैं परेशान, तो ऐसे करें अपने पूर्वजों का तर्पण, सिर्फ सच्ची श्रद्धा ही काफी
पितृपक्ष के दौरान अगर आपके पास तर्पण या पिंडदान के लिए आर्थिक साधन नहीं हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, केवल सच्ची श्रद्धा और सरल उपायों से भी पितरों को तृप्त किया जा सकता है।
हरिद्वार को रेलवे की बड़ी सौगात: 3 नई ट्रेनों से जुड़ेगा सोमनाथ, द्वारका और मुंबई
रेलवे ने हरिद्वार के लिए तीन नई रेल सेवाओं की घोषणा की है, जिससे अब सीधे सोमनाथ, द्वारका और मुंबई तक का सफर सुगम होगा। दिल्ली से चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस का भी हरिद्वार तक विस्तार किया गया है।
हरिद्वार में 100 साल पुरानी दुकान का अनोखा स्वाद, गंगा घाट के पास मिलता है मशहूर मथुरा पेड़ा और मलाई समोसा
हरिद्वार के हर की पौड़ी के निकट स्थित एक ऐतिहासिक दुकान अपनी शुद्धता और पारंपरिक मिठाइयों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, जहां यात्री गंगा स्नान के बाद स्वाद का आनंद लेने आते हैं।
पितृ पक्ष में लोहे की वस्तुओं का दान क्यों माना जाता है महापाप? हरिद्वार के पंडित जी से जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए दान-पुण्य का विशेष महत्व है, लेकिन इस दौरान लोहे की चीजों का इस्तेमाल और दान करना पूरी तरह वर्जित माना गया है।
श्राद्ध और पिंडदान के लिए बेहद खास हैं ये पौराणिक तीर्थ स्थल, जानिए इनका धार्मिक महत्व
पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए सही स्थान पर श्राद्ध और पिंडदान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित कुछ विशेष तीर्थ स्थल ऐसे हैं जहां तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर...
पितृपक्ष 2026: आज से शुरू हुआ पूर्वजों को नमन का पर्व, जानिए हरिद्वार की नारायणी शिला का विशेष धार्मिक महत्व
आज से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान हरिद्वार स्थित नारायणी शिला पर पिंडदान और श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व माना गया है, जिसे भगवान विष्णु के हृदय का प्रतीक माना जाता है।
पितृ पक्ष विशेष: हरिद्वार का कुशावर्त घाट है बेहद खास, जुड़ी हैं भगवान राम और दत्तात्रेय से जुड़ी पौराणिक कथाएं
पितृ पक्ष के दौरान हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। हर की पौड़ी के अलावा कुशावर्त घाट का आध्यात्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा माना गया है।
पितृ पक्ष: हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर पिंडदान से मिलती है पितरों को मुक्ति
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को समर्पित तर्पण और पिंडदान के लिए हरिद्वार में कई महत्वपूर्ण घाट हैं। इन स्थानों का पौराणिक ग्रंथों में विशेष उल्लेख मिलता है और इनका महत्व सामान्य घाटों से अधिक माना गया है।
हरिद्वार में गंगा घाट पर बिकनी पहनकर नहाने वाली लड़की का वीडियो वायरल, लोगों ने जताई कड़ी नाराजगी
हरिद्वार की हरकी पैड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है जिसमें एक युवती बिकनी पहने गंगा में स्नान करती दिख रही है, जिसे लेकर इंटरनेट पर भारी विवाद छिड़ गया है।
अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठ वाले धागे का उपाय, बदल सकता है आपका भाग्य
हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन विशेष अनंत सूत्र धारण करने से दुर्भाग्य दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हरिद्वार की 250 साल पुरानी सेठ सूरजमल धर्मशाला: आधुनिक युग में भी कायम है सेवा और सादगी की अनूठी मिसाल
हरिद्वार में हर की पौड़ी के पास स्थित ढाई सदी पुरानी सेठ सूरजमल धर्मशाला आज भी बिना किसी व्यावसायिक मुनाफे के तीर्थयात्रियों को आश्रय दे रही है। यहां आधुनिक सुख-सुविधाओं के बजाय भारतीय परंपरा और सेवा भाव को प्राथमिकता दी जाती है।
हरिद्वार का विष्णु पुल: 172 साल से गंगा की लहरों पर अडिग, ब्रिटिश इंजीनियरिंग का नायाब नमूना
हरिद्वार स्थित ऐतिहासिक विष्णु घाट पुल अपनी अनूठी निर्माण शैली के कारण आज भी 172 साल बाद पूरी मजबूती के साथ खड़ा है, जिस पर वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
साइकिल से 1300 किलोमीटर की कठिन यात्रा: शाहजहांपुर के 14 कांवड़ियों का अटूट विश्वास और भक्ति
सावन के पावन माह में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से 14 कांवड़ियों का दल 31 लीटर गंगाजल लेकर हरिद्वार से देवघर तक की 1300 किलोमीटर की अनोखी साइकिल यात्रा पर निकला है।