उपनाम: धार्मिक आस्था
करौली का कैलादेवी मंदिर: चंबल के खूंखार डकैत भी झुकते थे मां के दरबार में, चढ़ाते थे घंटे
राजस्थान के करौली स्थित कैलादेवी मंदिर का इतिहास केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि चंबल के दुर्दांत डकैतों के साथ जुड़े किस्सों के लिए भी जाना जाता है।
तेलंगाना का रहस्यमयी नाग देवता मंदिर: जहां सैकड़ों नाग प्रतिमाएं और लाल पोटलियां पूरी करती हैं भक्तों की मुरादें
तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित नाग देवता मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था है, जहां नाग प्रतिमाओं की स्थापना और अनूठी परंपराएं श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती हैं।
पाली का बनी ठनी बायोसा माता धाम: अनाथ और असहाय बच्चों के लिए ममता की छांव, जानिए इस मंदिर की खास विशेषताएं
राजस्थान के पाली में स्थित बनी ठनी बायोसा माता धाम अपनी अलौकिक मान्यताओं और अनाथ बच्चों को सहारा देने के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में माता रानी को दिन में तीन बार भोग लगाया जाता है और भक्त इसे आस्था का प्रमुख केंद्र मानते हैं।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: पुरानी और खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन के लिए बनेंगे 110 विशेष केंद्र
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धार्मिक आस्था को पर्यावरण के साथ जोड़ने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है, जिसके तहत खंडित मूर्तियों के निस्तारण के लिए विशेष केंद्र और गणेश विसर्जन के लिए 81 कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं।
हाटकालिका मंदिर का अनसुलझा रहस्य: जहां जागृत अवस्था में विराजती हैं मां काली, कुमाऊं रेजीमेंट की हैं रक्षक
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित मां हाटकालिका का मंदिर अपनी अद्भुत चमत्कारी घटनाओं और आध्यात्मिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध है, जहां भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट अपनी गहरी आस्था रखती है।
खंडेला का 600 साल पुराना बांके बिहारी मंदिर: करमैती बाई की अनूठी भक्ति और रहस्यमयी इतिहास
राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला में स्थित बांके बिहारी मंदिर करीब 600 साल पुरानी आस्था का केंद्र है, जो कृष्ण भक्त करमैती बाई की अद्भुत कहानी को संजोए हुए है।
गोगा नवमी विशेष: गजनवी की सेना से रण में सिर कटने के बाद भी नहीं रुके जाहरवीर गोगाजी, जानें अनूठी गाथा
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी को मनाई जाने वाली गोगा नवमी पर लोकदेवता जाहरवीर गोगाजी की वीरता और उनके बलिदान को याद किया जाता है। माना जाता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने गजनवी की विशाल सेना से अद्भुत युद्ध लड़ा था।
सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की पूजा क्यों नहीं होती, जानें पौराणिक कथाएं
हिन्दू धर्म में भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद उनकी पूजा अन्य देवताओं की तरह व्यापक रूप से नहीं होती है। आइए जानते हैं कि किन श्रापों और घटनाओं के कारण ब्रह्मा जी का मंदिर और पूजन का महत्व सीमित रह गया।
हरिद्वार: सावन के आखिरी सोमवार पर शिव भक्तों का सैलाब, जानिए भोलेनाथ के ससुराल में पूजा का महत्व
सावन के पावन महीने के आखिरी सोमवार पर हरिद्वार के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव सावन के दौरान अपनी ससुराल में वास करते हैं।
उदयपुर का अद्भुत तिलेश्वर महादेव मंदिर: 100 फीट गहरी प्राकृतिक खाई में विराजे हैं भगवान शिव, यहां अर्पित किए जाते हैं तिल
उदयपुर का तिलेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी प्राकृतिक बनावट और भगवान शिव को विशेष रूप से तिल चढ़ाने की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहां सावन के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
नागपंचमी पर बरसेगा संतान सुख का आशीर्वाद, खरगोन के इस प्राचीन मंदिर में साक्षात विराजमान हैं भिलट देव
खरगोन का नागलवाड़ी भिलट मंदिर नागपंचमी के अवसर पर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है, जहां संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
पलामू का अनोखा शिव मंदिर: एक ही जगह पर विराजमान हैं 12 ज्योतिर्लिंग, अकाल मृत्यु के भय से मिलती है मुक्ति
झारखंड के पलामू जिले में स्थित एक मंदिर में सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिमूर्ति स्थापित है, जहां सावन के महीने में भक्तों का तांता लगा रहता है। इस स्थान की मान्यता है कि यहां पूजा करने से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है और भक्तों को सुख-समृद्धि प्राप्त हो...
संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर उमड़ते हैं भक्त, अंबाला के 150 साल पुराने शिव मंदिर का है अनोखा चमत्कार
अंबाला शहर में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर अपनी चमत्कारी मान्यताओं के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है, जहां लोग संतान सुख की प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं। करीब 150 से 200 साल पुराने इस मंदिर से जुड़ी कहानी और इसका इतिहास लोगों की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ...
झारखंड का अद्भुत शिव मंदिर: जहां बिस्कुट, छाछ और हरी सब्जियों से सजते हैं भोलेनाथ
बोकारो के श्री श्री केदारेश्वर नाथ मृत्युंजय मंदिर में भगवान शिव की पूजा की अनोखी परंपरा है, जहां पारंपरिक फूलों के स्थान पर बिस्कुट और सब्जियों का उपयोग किया जाता है।
सरगुजा का अनोखा चमत्कार: क्या वाकई बढ़ रही है हनुमान जी की प्रतिमा, जानिए लमगांव मंदिर का रहस्य
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में स्थित लमगांव हनुमान मंदिर अपनी एक अनोखी विशेषता के लिए चर्चा में है, जहां भक्तों का मानना है कि बजरंगबली की प्रतिमा का आकार समय के साथ लगातार बढ़ रहा है।