गुरुग्राम हिट एंड रन: मामले को जातीय रंग देने की कोशिश पर भड़की पीड़िता, आरोपी के गांव में महापंचायत टली हरियाणा 5 घंटे पहले 3
गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला के समर्थन में होने वाली महापंचायत को फिलहाल टाल दिया गया है। पीड़िता सिया ने मामले को जाति से जोड़ने पर कड़ा ऐतराज जताया है।

मामले में नया मोड़ और महापंचायत का घटनाक्रम

हरियाणा के गुरुग्राम में हुए चर्चित हिट एंड रन केस ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी कल्याण बैंसला के समर्थन में उसके पैतृक गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया जाना था, लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक इसे फिलहाल टाल दिया गया है। दूसरी ओर, मामले के मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है, जिसके चलते उन्हें अदालत में पेश किया जाना है।

पीड़िता सिया ने जताई गहरी नाराजगी

इस पूरे मामले को जातिगत रंग देने के प्रयासों पर पीड़िता सिया, जिनका वास्तविक नाम शिवानी चौहान है, ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले को जाति या समुदाय से जोड़ना पूरी तरह से गलत और बेतुका है। एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए सिया ने कहा कि उन्हें यह सब बिल्कुल समझ नहीं आ रहा है और यह केवल घटना के नरेटिव यानी कहानी को बदलने की एक सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी विशेष समुदाय, स्थान या राज्य का नहीं है।

सड़क सुरक्षा और न्याय की मांग

सिया ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सड़क पर उनके साथ जो दुर्घटना हुई, वह किसी के साथ भी हो सकती है। उनके अनुसार, यह महिला या पुरुष राइडर का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा, “हम इसलिए आवाज उठा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।” उन्होंने आगे कहा कि जब अपराध को समुदाय के आधार पर बांटने की कोशिश की जाती है, तो उन्हें बहुत दुख होता है। जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें आरोपी के नाम, स्थान या जाति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह दूसरों को सड़क पर लोगों की जान लेने की खुली छूट देने जैसा होगा और इसके लिए समाज खुद जिम्मेदार होगा।

परिवार का पक्ष और जातिगत राजनीति पर सवाल

पीड़िता के भाई दीपांकर चौहान ने भी इस पूरे प्रकरण पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने परिचितों का समर्थन करने का पूरा अधिकार है और किसी ने भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका है। लेकिन, समस्या तब शुरू होती है जब इस मामले को जानबूझकर एक जातिगत विवाद का रूप देने का प्रयास किया जाता है। परिवार का कहना है कि उनका किसी भी जाति या समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी एकमात्र मांग यह है कि अपराध को अपराध की तरह और आरोपी को अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वे चाहते हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की जातीय राजनीति न हो।

आरोपियों की पेशी और गांव में माहौल

मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दो दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई को आज कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस बीच, पलवल स्थित आरोपी के गांव में काफी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच मीडिया को लेकर भी काफी नाराजगी देखी जा रही है। गांव के लोगों का आरोप है कि मीडिया ने इस मामले को बेवजह तूल दिया है और इसे एक गलत दिशा में ले जाने का काम किया है। पुलिस प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप