दिल्ली होटल अग्निकांड: गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत, बुजुर्ग पिता ही बचे हरियाणा 3 महीने पहले 51
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी आग ने गुरुग्राम के सीए विवेक अग्रवाल समेत उनके परिवार के आठ लोगों की जान ले ली। आईसीयू में भर्ती पिता राधेश्याम ही अब इस परिवार में जीवित बचे हैं।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए अग्निकांड में गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया है और गुरुग्राम के सेक्टर 46 स्थित उनका घर सूना पड़ गया है। घर के बाहर आसपास के लोग जरूर जुटे हैं, मगर परिवार में अब बुजुर्ग पिता के अलावा कोई नहीं बचा।

तीन बजे होगा अंतिम संस्कार

हादसे का शिकार हुए विवेक अग्रवाल और उनके परिजनों का अंतिम संस्कार 3 बजे किया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक विवेक अग्रवाल, उनकी माँ प्रेमलता अग्रवाल, पत्नी तरजनी, बेटी जीविशा और बेटे वृत्तय का अंतिम संस्कार गुरुग्राम के सेक्टर 38 के श्मशान घाट में होगा। घर के बाहर लोगों ने टेंट लगाया है और पड़ोसी मौके पर मौजूद हैं। पूरे इलाके में बेहद गमगीन माहौल है।

हमनाम पड़ोसी ने साझा किया दर्द

न्यूज18 की टीम ने विवेक के पड़ोसियों से बातचीत की। पड़ोस में रहने वाले विवेक अग्रवाल बताते हैं कि उनका नाम भी विवेक जैसा ही है और वे दिवंगत विवेक को अपना भाई और दोस्त मानते थे। उनके मुताबिक गुरुग्राम में विवेक से ज्यादा करीब उनका कोई नहीं था।

पड़ोसी विवेक बताते हैं कि विवेक के पिता काफी समय से बीमार हैं। हाल ही में दोनों परिवारों ने साथ में डिनर किया था और उनकी तथा विवेक की बेटी आपस में दोस्त थीं। विवेक का कोई भाई-बहन नहीं था और वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनका कहना है कि इस समय विवेक के पिता आईसीयू में भर्ती हैं और विवेक की बड़ी बेटी एक दिन पहले ही बैंगलोर से अपने दादा से मिलने आई थी।

‘मेरे पास शब्द नहीं हैं, मैं निशब्द हूं। ईश्वर को न्याय करना चाहिए था।’

हमनाम पड़ोसी विवेक कहते हैं कि वे पूरी रात सो नहीं पाए। उनकी बड़ी बेटी बीते रोज ही बैंगलोर से आई थी और दोनों परिवारों के लोग अक्सर आपस में बात करते रहते थे। उनके अनुसार अब यहां विवेक के रिश्तेदार ही आएंगे, क्योंकि एक तरह से पूरा परिवार समाप्त हो गया है।

सीए थे विवेक, सिर्फ पिता जीवित

सेक्टर 46 के रहने वाले विवेक अग्रवाल पेशे से सीए थे। उनके पिता दिल्ली के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती थे और पूरा परिवार उन्हीं से मिलने गया था। अस्पताल पास होने के कारण परिजन उसी होटल में ठहरे थे, जहां बाद में आग लग गई।

इस हादसे में सीए विवेक अग्रवाल, पत्नी तर्जनी, कमला, झुमरी लाल, प्रेमलता, बेटी जीविशा और वारिया का निधन हो गया। विवेक के पिता राधेश्याम का इलाज अब भी मैक्स अस्पताल में चल रहा है। इस बीच होटल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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