उपनाम: अंतिम संस्कार
डेढ़ साल बाद घर लौटा 'मृत' युवक, परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां डेढ़ साल से लापता युवक घर लौटा तो पता चला कि परिजन उसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर चुके हैं।
मुंगेर के लाल और सीआरपीएफ जवान अमरेश कुमार को दी गई अंतिम विदाई, राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए वीर
सीआरपीएफ के बहादुर जवान अमरेश कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसे देख पूरा इलाका गमगीन हो उठा।
मुजफ्फरपुर में बेटियों ने पेश की मिसाल: भारी विरोध के बावजूद तीन बहनों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा, सबसे छोटी बेटी ने दी मुखाग्नि
बिहार के मुजफ्फरपुर में बेटा न होने पर तीन बेटियों ने पुरानी सामाजिक परंपराओं को तोड़ते हुए न केवल अपने दिवंगत पिता की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि विरोधियों का सामना करते हुए अंतिम संस्कार भी संपन्न कराया।
मुजफ्फरपुर में बेटियों की हिम्मत: विरोध को दरकिनार कर पिता को दिया कंधा और दी मुखाग्नि
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहाँ पिता के निधन के बाद तीनों बेटियों ने तमाम सामाजिक विरोधों और विवादों के बीच पूरे साहस के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।
तेहरान में ऐतिहासिक जनसैलाब: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटे करोड़ों लोग, भारत सहित 100 देशों के प्रतिनिधि मौजूद
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए राजधानी तेहरान में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिसमें भारत के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सहित दुनिया भर के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं।
सुरक्षा कारणों से पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मोजतबा खामेनेई, इजरायल की धमकियों के बीच ईरान का कड़ा रुख
इजरायल की ओर से मिल रही लगातार धमकियों और जान के खतरे के चलते ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूर रहेंगे।
आयतुल्ला अली खामेनेई की सुपुर्द-ए-खाक की रस्में शुरू, जानें इस्लामी परंपरा में क्या है अंतिम सफर का महत्व
ईरान के मरहूम रहबर-ए-आला आयतुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है, जिसमें तेहरान से मशहद तक कई दिनों के कार्यक्रम तय किए गए हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इस्लाम धर्म में अंतिम संस्कार की रस्में किस तरह पूरी की ज...
अंतिम संस्कार के बाद पीछे मुड़कर क्यों नहीं देखा जाता? जानिए श्मशान से जुड़ी प्राचीन परंपराएं
अंतिम संस्कार के बाद श्मशान से लौटते समय पीछे न देखने और बच्चों को वहां ले जाने से बचने जैसी परंपराओं के पीछे गहरे धार्मिक और मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हैं। आइए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार इनके पीछे का वास्तविक महत्व क्या है।
रूस के वह नेता, जिनका 102 साल बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, कैसे आज भी सुरक्षित है शव
रूस के क्रांतिकारी नेता व्लादिमीर लेनिन का निधन 1924 में हुआ था, लेकिन उनका पार्थिव शरीर आज भी मॉस्को के रेड स्क्वायर में कांच के ताबूत में सुरक्षित रखा गया है। आधुनिक विज्ञान और विशेष रसायनों की मदद से 102 वर्षों से उनके शरीर को सड़ने से बचाया गया है।
अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई कब? जानें तारीख और दफन की जगह
ईरानी अधिकारियों ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विदाई समारोह, जुलूस और अंतिम संस्कार की तारीखों का ऐलान कर दिया है। उनके शव को मशहद के इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में दफनाया जाएगा।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर होगा शूटर जसपाल राणा का अंतिम संस्कार, जानिए इसके पीछे की भावुक वजह
पद्मश्री और दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का अंतिम संस्कार उनकी आखिरी इच्छा के मुताबिक वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। देहरादून से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है और शिष्या मनु भाकर समेत कई हस्तियां अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं।
अंतिम विदाई से पहले सुहागिन को सिंदूर-चूड़ियां पहनाने की परंपरा क्यों? जानिए मृत महिला को सजाकर विदा करने का धार्मिक कारण
हिंदू धर्म में मृत सुहागिन को अंतिम संस्कार से पूर्व सोलह श्रृंगार से सजाने की परंपरा उसके अखंड सौभाग्य और वैवाहिक पहचान का सम्मान मानी जाती है। यह रिवाज आत्मा की शांति और पुनर्जन्म से जुड़ी मान्यताओं से गहराई से जुड़ा है।
जमशेदपुर के पार्वती घाट पर बना 'देवात्मा उद्यान', अब नन्हें बच्चों को मिलेगी सम्मानजनक अंतिम विदाई
जमशेदपुर के पार्वती घाट परिसर में नवजात से लेकर करीब पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए विशेष रूप से देवात्मा उद्यान विकसित किया गया है। फूलों और हरियाली से सजे इस स्थल को इस तरह तैयार किया गया है कि यह श्मशान घाट नहीं, बल्कि एक शांत बगीचे जैस...
पिता सलीम कुमार की अंतिम विदाई में छलका बेटे चंदू का दर्द, भीड़ पर भड़के, किसे लगाई फटकार?
नेशनल अवॉर्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बड़े बेटे चंदू कैमरों की भीड़ पर भड़क उठे। पैपराजी से पीछे हटने की उनकी अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अंतिम संस्कार से पहले हिल उठा 'मृत' शरीर! परिजन घबराकर दोबारा अस्पताल भागे, फिर भी न बची जान
रायपुर के एक निजी अस्पताल ने भिलाई के एक युवक को मृत समझकर परिजनों को सौंप दिया, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय उसके शरीर में हलचल दिखी। वापस अस्पताल लाने पर इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।