हरियाणा
2 घंटे पहले
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विचारों
आग की लपटों से घिरे सीए विवेक अग्रवाल की आवाज में बेचैनी साफ झलक रही थी। ‘भाई…हम शायद ही बच पाएंगे’ — यही उनके आखिरी शब्द थे, जो उन्होंने अपने रिश्तेदार पुनीत गुप्ता को फोन पर कहे। इसी कॉल के दौरान उन्होंने हादसे की पूरी जानकारी भी दी। दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग में गुरुग्राम के सीए विवेक अग्रवाल के परिवार के पांच और रिश्तेदारी के तीन लोग जिंदा जल गए। विवेक ने होटल में दो कमरे बुक कराए थे और वहीं ठहरे हुए थे।
आखिरी फोन कॉल में क्या बात हुई
आग लगने के बाद विवेक ने सबसे आखिरी कॉल पुनीत गुप्ता को ही की और हालात की जानकारी दी। एक निजी चैनल से बातचीत में पुनीत ने बताया कि उन्होंने विवेक को सलाह दी थी कि वे रुमाल को पानी से भिगो लें और किसी तरह नीचे बैठकर सांस लेने की कोशिश करें। हालांकि पुनीत के मुताबिक ज्यादा बातचीत नहीं हो पाई और कुछ ही देर बाद फोन कट गया, और इसके बाद मौत की खबर आई।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
मालवीय नगर के इस भीषण अग्निकांड में विवेक अग्रवाल के परिवार के पांच सदस्यों की जान गई। इनमें खुद विवेक, उनकी मां, पत्नी और दो बेटियां शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान से आए मौसा और मौसी भी इस हादसे में नहीं बचे।
गुरुवार को विवेक, उनकी पत्नी तर्जिनी, मां हेमलता और दो बेटियों के शव गुरुग्राम स्थित उनके घर लाए गए, जिसके बाद सेक्टर 38 के श्मशानघाट में पांचों का अंतिम संस्कार किया गया।
पिता से मिलने आया था परिवार
विवेक के परिवार में अब सिर्फ उनके पिता ही बचे हैं, जो दिल्ली के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। पिता का हालचाल जानने के लिए ही पूरा परिवार इस होटल में रुका था, क्योंकि यह होटल अस्पताल के नजदीक था।
गुरुग्राम के सेक्टर 46 में रहने वाले विवेक के पड़ोसी, जिनका नाम भी विवेक है, बताते हैं कि उनके पिता काफी समय से बीमार चल रहे थे। पड़ोसी के अनुसार विवेक बेहद मिलनसार स्वभाव के थे और उनके गहरे दोस्त भी थे।
होटल में आग कैसे लगी
इस अग्निकांड में कुल 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें अधिकतर विदेशी नागरिक शामिल हैं। जान गंवाने वाले ज्यादातर लोग होटल के तीसरे फ्लोर और बेसमेंट में मौजूद थे। जांच के दौरान दमकल विभाग को कई कमरों में इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे और दूसरे उपकरण मिले। लंबे समय से होटल में ठहरे लोग खाना बनाने के लिए इन्हीं उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक अधिकांश लोगों की मौत दम घुटने से हुई है। पुलिस की करीब 10 टीमें आरोपी मैनेजर जय मिश्रा और मामले की जांच में जुटी हैं, जबकि आरोपी होटल मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है।
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