नोएडा से ग्रेटर नोएडा का सफर होगा आसान, बनेगा 8 लेन का नया 31 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 25
नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच जल्द ही 31 किलोमीटर लंबा और 8 लेन चौड़ा नया एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दोनों शहरों को जोड़ने के लिए जल्द ही एक नया एक्सप्रेस-वे तैयार किया जाने वाला है। यह एक्सप्रेस-वे कुल 31 किलोमीटर लंबा होगा और इसे 8 लेन का बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि इसके बनने के बाद लाखों लोगों को रोज के ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल जाएगा।

अभी कैसा है मौजूदा रूट

फिलहाल नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए लोग Noida–Greater Noida Expressway का इस्तेमाल करते हैं। यह एक्सप्रेस-वे 25 किलोमीटर लंबा है और नोएडा के महामाया फ्लाईओवर/फिल्म सिटी इलाके से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक पहुंचता है। इस मार्ग पर हर समय वाहनों का दबाव बना रहता है और यह कभी खाली नहीं मिलता।

नए एक्सप्रेस-वे से क्या होगा फायदा

अब 8 लेन का जो नया एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है, उसकी कुल लंबाई 31 किलोमीटर होगी। जो लोग प्रतिदिन नोएडा से ग्रेटर नोएडा का सफर तय करते हैं, उन्हें इससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। न जाम की परेशानी होगी और न ही काम में देरी—लोग चंद मिनटों में ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में इस परियोजना को लेकर एक बैठक भी हो चुकी है, जिसमें नए मार्ग को लेकर लंबी चर्चा की गई।

अब डीएनडी नहीं, चिल्ला एलिवेटेड से जुड़ेगा एक्सप्रेस-वे

पहले इस एक्सप्रेस-वे को डीएनडी से जोड़े जाने की योजना थी। लेकिन सोमवार को हुई बैठक में तय किया गया कि अब इसे डीएनडी की जगह चिल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। रूट में इस बदलाव के पीछे कुछ तकनीकी और पर्यावरणीय कारण बताए जा रहे हैं। इस फैसले के बाद अब यह एक्सप्रेस-वे सेक्टर-94 से शुरू होगा और ग्रेटर नोएडा में जाकर खत्म होगा।

NHAI की सलाह और आगे की योजना

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। इसकी बड़ी वजह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेजी से स्थापित हो रहीं औद्योगिक कंपनियां हैं। ऐसे में नया एक्सप्रेस-वे इस बढ़ते दबाव से निपटने में मददगार साबित होगा और ट्रैफिक की समस्या नहीं रहेगी। अभी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की गणना की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, NHAI के कंसल्टेंट ने इस परियोजना से जुड़ी एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें एक्सप्रेस-वे पर 3 मुख्य स्थानों से ट्रैफिक कनेक्टिविटी देने की सलाह दी गई है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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