हिमाचल कार हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत, दुर्ग में एक साथ जली चार चिताएं छत्तीसगढ़ 13 घंटे पहले 2
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए कार हादसे में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के एक ही परिवार के चार लोगों का दुर्ग के कुथरेल गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बेंगलुरु में नौकरी करने वाले इस परिवार का हादसे में पूरा वंश समाप्त हो गया।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के एक ही परिवार के चार सदस्यों को अंतिम विदाई दी गई। दुर्ग जिले के कुथरेल गांव में अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची तथा दोनों बेटों दर्श और अक्षज का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। यह परिवार मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला था और बेंगलुरु में नौकरी करता था।

इन चारों की मृत्यु तब हुई जब उनकी कार चंबा जिले में 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। ये सभी घूमने के लिए हिमाचल गए हुए थे। इस हादसे ने परिवार का पूरा वंश ही खत्म कर दिया।

गांव में उमड़ा शोक का सैलाब

मंगलवार दोपहर रायपुर एयरपोर्ट से चार एंबुलेंसों के जरिए शवों को कुथरेल गांव लाया गया। शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। एक ही समय पर चार चिताओं को जलते देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के इतिहास में यह पहला अवसर था जब एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठीं।

इसी हादसे में दूसरे परिवार के पी.जी. कार्तिघायन, उनकी पत्नी मनीमाला, बेटे नंदन तथा टैक्सी चालक की भी जान चली गई थी।

ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद निकले थे घूमने

मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों की ताइक्वांडो प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद परिवार हिमाचल घूमने पहुंचा था। प्रतियोगिता खत्म होते ही दोनों परिवार साच पास क्षेत्र की सैर पर निकल पड़े। 29 मई की रात कालावन क्षेत्र के पास टैक्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दुर्ग जिले के ग्राम कुथरेल निवासी और बेंगलुरु में कार्यरत आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी और दोनों बेटों की मौत हो गई।

बेहद भीषण था हादसा

हादसा इतना भयानक था कि कार पूरी तरह टूट-फूट गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। जीपीएस लोकेशन के आधार पर वाहन का पता लगाया गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने खोज अभियान शुरू किया। दुर्गम पहाड़ी इलाका और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी बाधा बने। आखिरकार स्थानीय लोगों, पुलिस तथा प्रशासन ने ह्यूमन चेन बनाकर सभी शवों को खाई से बाहर निकाला।

दो परिवार पूरी तरह उजड़े

बता दें कि बैरागढ़-सच पास-किल्लार मार्ग पर एक अर्टिगा कार 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। इस हादसे में दो बच्चों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई। मृतकों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग के एक परिवार के चार सदस्य शामिल थे, जबकि दूसरे परिवार के तीन लोग थे। इनके अलावा कार चालक की भी जान चली गई।

शुक्रवार देर रात कार बेकाबू होकर सड़क के नीचे बनी गहरी खाई में समा गई। खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे किसी भी व्यक्ति के बचने की कोई संभावना नहीं बची।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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