सबसे घातक और कम जानलेवा कैंसर कौन से हैं, फोर्टिस अस्पताल के विशेषज्ञ ने दी विस्तृत जानकारी स्वास्थ्य 2 घंटे पहले 4
कैंसर के प्रकारों और उनकी गंभीरता को लेकर अक्सर लोगों में संशय रहता है। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर ने स्पष्ट किया है कि कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि उसका पता किस स्टेज पर चला है।

कैंसर की गंभीरता और इलाज की संभावनाएं

कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही हर कोई डर जाता है। यह सच है कि दुनिया भर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन चिकित्सा जगत में हुए नए शोध और तकनीक के कारण अब इसका इलाज पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी हो गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि कैंसर की पहचान शुरुआती चरणों में कर ली जाए, तो मरीज के बचने की उम्मीद कई गुना बढ़ जाती है। कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जिनका उपचार काफी सफल है, जबकि कुछ को बेहद घातक माना जाता है, विशेषकर तब जब उनका निदान अंतिम चरण में होता है। फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के मेडिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉक्टर प्रभात रंजन ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी है।

कैंसर की भयावहता का निर्धारण कैसे होता है

डॉक्टर प्रभात रंजन का कहना है कि हर कैंसर अपने आप में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, लेकिन हर कैंसर का स्वभाव अलग होता है। किसी कैंसर को कितना खतरनाक माना जाएगा, यह मुख्य रूप से तीन कारकों पर निर्भर करता है। पहला, कैंसर कोशिकाएं कितनी तेजी से विभाजित हो रही हैं। दूसरा, बीमारी शरीर के अन्य अंगों में कितनी जल्दी फैल रही है। और तीसरा, क्या वर्तमान चिकित्सा विज्ञान में उसके लिए कारगर उपचार उपलब्ध है या नहीं।

कौन से कैंसर सबसे अधिक खतरनाक माने जाते हैं

कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जिन्हें चिकित्सा जगत में बेहद आक्रामक और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इनमें अग्न्याशय (Pancreas), फेफड़े (Lung), लिवर और मस्तिष्क के कुछ विशिष्ट ट्यूमर शामिल हैं। इन कैंसर के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरणों में इनके लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं, जिस कारण बीमारी पकड़ में नहीं आती। जब तक मरीज को लक्षणों का पता चलता है, तब तक कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुका होता है, जिससे उपचार काफी जटिल हो जाता है।

बेहतर परिणाम वाले कम खतरनाक कैंसर

इसके विपरीत, कैंसर के कई ऐसे प्रकार हैं जिन्हें समय रहते पहचान लेने पर काफी अच्छे तरीके से नियंत्रित या पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसमें शुरुआती अवस्था में पहचाना गया स्तन कैंसर, थायरॉइड कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा, खून से जुड़े कुछ कैंसर जैसे लिंफोमा (Lymphoma) और ल्यूकेमिया (Leukemia) के मामले में भी अब आधुनिक उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनके नतीजे काफी उत्साहजनक होते हैं। हालांकि, इन बीमारियों का व्यवहार उनके उप-प्रकार और मरीज की स्थिति के अनुसार बदल सकता है।

उपचार की निरंतरता का महत्व

डॉक्टर प्रभात रंजन यह स्पष्ट करते हैं कि 'कम खतरनाक कैंसर' का मतलब यह कदापि नहीं है कि उन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है। कैंसर किसी भी प्रकार का हो, उसका इलाज समय पर शुरू होना सबसे जरूरी है। कैंसर की गंभीरता का आंकलन करने के लिए केवल बीमारी का नाम पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कैंसर का प्रकार, उसकी स्टेज, ग्रेड, शरीर में उसका फैलाव, मरीज की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति और उपलब्ध उपचार विकल्प सभी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच करवाएं।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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