असम के नगांव में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 4.5 रही तीव्रता भारत 3 घंटे पहले 6
असम के नगांव जिले में मंगलवार की तड़के भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए, हालांकि गनीमत रही कि इसमें किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

नगांव में महसूस हुई भूकंप की हलचल

असम के नगांव जिले में मंगलवार की सुबह धरती कांप उठी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप के ये झटके तड़के 4 बजकर 23 मिनट 47 सेकंड पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 33 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

जान-माल का कोई नुकसान नहीं

भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने स्थिति का जायजा लिया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

हाल ही में पूर्वोत्तर में आया था भूकंप

इससे पहले भी हाल ही में पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। शनिवार शाम को आए उस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, उस समय भूकंप का केंद्र भूटान के ग्याल्पोझिंग से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर था और यह सतह से पांच किलोमीटर की गहराई में उत्पन्न हुआ था। गुवाहाटी समेत आसपास के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए इस भूकंप के कारण भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली थी।

क्यों संवेदनशील है पूर्वोत्तर क्षेत्र?

पूर्वोत्तर भारत का पूरा इलाका भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। भौगोलिक और टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण असम और आसपास के राज्यों में अक्सर भूकंपीय हलचल देखने को मिलती है। यह क्षेत्र हिमालयी बेल्ट के करीब होने के कारण भूकंप की दृष्टि से हमेशा उच्च जोखिम वाला जोन रहा है।

सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत

भूकंप के प्रभाव इस बात पर निर्भर करते हैं कि उनकी तीव्रता क्या है, उनका केंद्र कहां है और वे कितनी गहराई से उत्पन्न हुए हैं। प्रशासन की ओर से ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और झटके शांत होने तक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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