स्वास्थ्य
9 घंटे पहले
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अगर कम उम्र में ही आपको बार-बार पेट फूलने, एसिडिटी या कब्ज की शिकायत रहती है, तो इसकी जड़ आपके पाचन तंत्र से जुड़ी हो सकती है। आजकल युवाओं में पाचन से जुड़ी परेशानियां तेजी से सामने आ रही हैं और इसकी बड़ी वजह उनकी बिगड़ती जीवनशैली है। कई मामलों में कुछ संक्रमण भी इसके पीछे हो सकते हैं, लेकिन अधिकतर लोगों में यह खतरा गलत आदतों के कारण ही बढ़ता है। आइए विशेषज्ञ से समझते हैं कि युवाओं को गैस, पेट फूलना, एसिडिटी और कब्ज जैसी दिक्कतें आखिर क्यों होती हैं।
कौन सी आदतें बढ़ाती हैं कब्ज और पेट फूलने की समस्या
रात में देर से खाना
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के मुताबिक, आंतों की सेहत बिगाड़ने वाली सबसे आम आदतों में से एक है देर रात भोजन करना। सोने से ठीक पहले खाना शरीर की स्वाभाविक पाचन प्रक्रिया में बाधा डालता है, एसिड रिफ्लक्स का खतरा बढ़ाता है और नींद की गुणवत्ता पर भी बुरा असर डालता है। हमारी आंतों में एक सर्कैडियन क्लॉक होती है और अनियमित खान-पान पाचन, चयापचय तथा आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकता है।
जरूरत से ज्यादा कैफीन
कैफीन का अधिक सेवन भी नुकसानदेह साबित होता है। लंबे समय तक काम, पढ़ाई का दबाव और नींद की कमी से जूझते कई युवा कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या दूसरे कैफीनयुक्त पेय का सहारा लेते हैं। ज्यादा कैफीन पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे एसिडिटी की दिक्कत बढ़ सकती है। यह दस्त या आंतों में जलन का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा एनर्जी ड्रिंक में मौजूद चीनी और आर्टिफिशियल कम्पाउंड आंतों के माइक्रोबायोम को और बिगाड़ देते हैं।
तनाव और खराब नींद
आंतों की सेहत पर असर डालने वाली एक और बड़ी वजह है अत्यधिक तनाव लेना और कम नींद लेना। हमारा दिमाग आंत-मस्तिष्क अक्ष (गट-ब्रेन एक्सिस) से जुड़ा होता है। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव आंत की गति को प्रभावित कर सकता है, संवेदनशीलता बढ़ा सकता है और आईबीएस जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। नींद पूरी न होने से पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और हार्मोनल संतुलन गड़बड़ा जाता है।
बाहर का खाना
आप क्या खाते हैं, इसका सीधा असर आपकी गट हेल्थ पर पड़ता है। अगर आप बहुत ज्यादा फास्ट फूड, पैकेटबंद स्नैक्स और मीठे ड्रिंक लेते हैं तो ये पेट के लिए हानिकारक होते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है और ऐसी चीजें पाचन क्रिया पर नकारात्मक असर डालती हैं। फाइबर की कमी से कब्ज, सूजन और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
एंटीबायोटिक दवाएं
जो लोग बिना सोचे-समझे दवाओं का सेवन करते रहते हैं, उनकी गट हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता है। खासतौर पर बार-बार एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल, धूम्रपान, वेपिंग और शराब का सेवन — ये सभी आंतों के फ्लोरा और पाचन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कैसे रखें आंतों को स्वस्थ
जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करके आंतों को स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है। इसके लिए संतुलित आहार लें, समय पर खाना खाएं, समय पर सोएं, भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं। साथ ही प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं, नियमित व्यायाम करें, अच्छी नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखें। इन उपायों से आंतों का संतुलन दोबारा ठीक किया जा सकता है।
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