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एक घंटा पहले
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सफलता की नई कहानी
झारखंड के पलामू जिले की बेटी काजल गोस्वामी ने प्रशासनिक सेवा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेदिनीनगर की रहने वाली काजल ने अपने पहले ही प्रयास में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 29वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस कामयाबी ने साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ संकल्प हो, तो किसी भी कठिन परीक्षा को पार किया जा सकता है।
शिक्षा और करियर का सफर
काजल की प्रारंभिक शिक्षा मेदिनीनगर के सेक्रेड हार्ट स्कूल में हुई, जहां से उन्होंने 2015 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने वाराणसी के सनबीम स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। अपनी उच्च शिक्षा के लिए काजल ने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया और 2020 में इकोनॉमिक्स ऑनर्स के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी गंभीरता से यूपीएससी की तैयारी शुरू की और दिल्ली में रहकर सेल्फ स्टडी पर ध्यान केंद्रित किया।
यूपीएससी का लक्ष्य और तैयारी
काजल का मुख्य लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना है। वह वर्तमान में यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं और उन्होंने यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है। अब उनका पूरा ध्यान आगामी मुख्य परीक्षा की तैयारियों पर है। काजल ने बताया कि उन्हें बीपीएससी की परीक्षा के लिए केवल 20 दिन का समय मिला था, लेकिन यूपीएससी की तैयारी के दौरान अर्जित ज्ञान और टेलीग्राम के माध्यम से उपलब्ध अध्ययन सामग्री ने उन्हें इस सफलता तक पहुँचाने में मदद की।
शिक्षक से मिली प्रेरणा
काजल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत के साथ-साथ अपने शिक्षक विनोद सर को भी दिया है। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा में उनके शिक्षक ने ही उनकी लेखन शैली की तारीफ करते हुए उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया था, जो उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।
परिवार का गर्व
काजल की मां दुर्गा गोस्वामी ने बताया कि काजल बचपन से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर और शांत स्वभाव की रही हैं। घर की जिम्मेदारियों को निभाने के बाद उन्होंने हमेशा अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। 27 वर्ष की उम्र में मिली यह सफलता अब पलामू की अन्य बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई है।
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