CA कोर्स: चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने में लगते हैं कितने साल? 12वीं के बाद जानें पूरी राह करियर 2 घंटे पहले 2
12वीं के तुरंत बाद सीए की पढ़ाई शुरू करने और हर परीक्षा पहले ही प्रयास में पास करने पर करीब 4.5 से 5 साल में सीए बना जा सकता है। आईसीएआई की नई स्कीम में आर्टिकलशिप की अवधि घटने से अब यह सफर पहले से छोटा हो गया है।

कॉमर्स पृष्ठभूमि से पढ़ाई करने वाले देश के लाखों युवाओं का सबसे बड़ा सपना होता है कि उनके नाम के आगे ‘CA’ यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट लिखा जाए। सीए को देश के सबसे सम्मानित, प्रभावशाली और अच्छी कमाई वाले पेशों में गिना जाता है। बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी हो या भारत सरकार का टैक्स विभाग, सीए की सलाह के बिना अहम फैसले मुश्किल से ही लिए जाते हैं।

हालांकि इस करियर की चमक के साथ इसकी पढ़ाई और लगने वाले समय को लेकर उलझन भी बनी रहती है। अक्सर कहा जाता है कि सीए बनने में पूरी जवानी खप जाती है या यह किसी पंचवर्षीय योजना जैसा है। लेकिन हकीकत इससे अलग है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से समय-समय पर किए गए बदलावों के बाद अब सीए कोर्स का ढांचा काफी व्यवस्थित और पहले की तुलना में थोड़ा छोटा हो चुका है। यदि आप बिना किसी फेल हुए परीक्षाएं पास करते हैं, तो बहुत कम उम्र में सीए बन सकते हैं।

सीए बनने में कितने साल लगते हैं?

अगर आप 12वीं कक्षा पास करने के तुरंत बाद सीए की पढ़ाई शुरू करते हैं और बिना फेल हुए हर परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लेते हैं, तो सीए बनने में लगभग 4.5 से 5 साल का समय लगेगा। आईसीएआई की नई स्कीम के तहत अब ट्रेनिंग यानी आर्टिकलशिप की अवधि घटा दी गई है, जिससे विद्यार्थी पहले के मुकाबले जल्दी सीए की डिग्री हासिल कर सकते हैं।

पहला पड़ाव: सीए फाउंडेशन

यह सीए कोर्स में प्रवेश का पहला द्वार है। 12वीं की परीक्षा देने के बाद विद्यार्थी इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

  • अवधि: इसकी तैयारी के लिए लगभग 4 महीने पढ़ाई करनी होती है।
  • परीक्षा: इसमें कुल 4 पेपर होते हैं, जिनमें अकाउंट्स, लॉ, मैथ्स और इकोनॉमिक्स जैसे बुनियादी विषय शामिल हैं।

इसे पास करने के बाद ही आप अगले स्तर पर आगे बढ़ते हैं।

दूसरा पड़ाव: सीए इंटरमीडिएट

सीए फाउंडेशन पास करने के बाद विद्यार्थी सीए इंटरमीडिएट में पहुंचते हैं। ग्रेजुएशन कर चुके छात्र सीधे (डायरेक्ट एंट्री) भी इस स्तर पर आ सकते हैं।

  • अवधि: इसकी तैयारी के लिए कम से कम 8 महीने का समय मिलता है।
  • नया नियम: पहले इंटरमीडिएट में 8 पेपर होते थे, लेकिन अब नए सिलेबस के तहत केवल 6 पेपर ही होते हैं, जिन्हें 3-3 के दो ग्रुप में बांटा गया है।

इसके साथ ही छात्रों को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और सॉफ्ट स्किल्स (ICITSS) की अनिवार्य ट्रेनिंग भी पूरी करनी होती है।

तीसरा पड़ाव: प्रैक्टिकल ट्रेनिंग यानी आर्टिकलशिप

सीए इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप पास करने के बाद कोर्स का सबसे अहम हिस्सा शुरू होता है, जिसे ‘आर्टिकलशिप’ कहा जाता है। इसमें किसी रजिस्टर्ड सीए फर्म के अधीन रहकर असल दुनिया का काम सीखना होता है।

  • अवधि: नए नियमों के मुताबिक अब आर्टिकलशिप की अवधि 3 साल से घटाकर 2 साल कर दी गई है, जो विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत है।

इस दौरान काम सीखने के बदले हर महीने वजीफा (स्टाइपेंड) भी मिलता है।

आखिरी पड़ाव: सीए फाइनल

2 साल की आर्टिकलशिप और एडवांस्ड ट्रेनिंग (AICITSS) पूरी करने के बाद आप कोर्स के अंतिम और सबसे कठिन पड़ाव पर पहुंचते हैं, जिसे सीए फाइनल कहा जाता है।

  • परीक्षा: नए सिलेबस के अनुसार सीए फाइनल में भी अब केवल 6 पेपर ही होते हैं।

इन कठिन परीक्षाओं को पास करते ही आप आधिकारिक रूप से ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट’ बन जाते हैं और आईसीएआई आपको अपनी प्रतिष्ठित सदस्यता सौंप देता है।

हालांकि कोर्स पूरा करने की कोई तय समयसीमा नहीं है। कई युवा इसे कई वर्षों में पूरा कर पाते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!