छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इबोला वायरस के खतरनाक संक्रमण की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जानकारी के अनुसार इथियोपिया, युगांडा और कांगो से आए 3 संदिग्धों के जिले में पहुंचने की सूचना मिली है। केंद्र से सूचना मिलते ही प्रशासन ने इन संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन्हें जल्द से जल्द खोजकर होम आइसोलेशन में रखा जाए।
केंद्र की सूचना पर शुरू हुई तलाश
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को इन संदिग्धों की पहचान और उनकी लोकेशन का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर इनकी खोजबीन में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों का पता चलते ही उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश
दुर्ग कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि संदिग्ध व्यक्तियों को जल्द से जल्द ढूंढकर उनकी मेडिकल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। इसके साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
क्या है इबोला और इसके लक्षण
इबोला वायरस को एक गंभीर और जानलेवा बीमारी माना जाता है, जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैल सकती है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर स्थिति में रक्तस्राव तक शामिल हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्कता और सावधानी बरतना ही सबसे जरूरी है।
नागरिकों से विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण नजर आएं तो वह तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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