डॉक्टर शुभम वत्स की सलाह, दिमाग को सुपरफास्ट बनाने में मददगार हैं ये 5 बेहतरीन आहार स्वास्थ्य 2 घंटे पहले 2
तेज रफ्तार जीवनशैली के बीच मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। डॉक्टर शुभम वत्स ने डाइट में शामिल करने योग्य ऐसे 5 खाद्य पदार्थों के बारे में बताया है जो याददाश्त और एकाग्रता को रॉकेट की तरह बढ़ा सकते हैं।

दिमाग को चुस्त-दुरुस्त रखने का सही तरीका

आज की दौड़-भाग से भरी जिंदगी में हर कोई अपनी एकाग्रता को बेहतर बनाना चाहता है, ताकि याददाश्त मजबूत बनी रहे और मानसिक थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सके। अक्सर हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जिम या व्यायाम पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन अपने मस्तिष्क के पोषण को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर शुभम वत्स का मानना है कि यदि हम अपनी दैनिक आहार योजना में थोड़े से बदलाव करें और सही चीजों को शामिल करें, तो हम अपने दिमाग को बेहद तेज बना सकते हैं। डॉक्टर शुभम वत्स ने विशेष रूप से 5 ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची साझा की है, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक जादुई प्रभाव डाल सकते हैं।

दिमाग के लिए 5 जादुई आहार

डॉक्टर शुभम वत्स द्वारा सुझाए गए ये पांच आहार मस्तिष्क को सक्रिय और स्वस्थ रखने में प्रभावी माने जाते हैं:

  • अखरोट: अखरोट की संरचना काफी हद तक मानवीय मस्तिष्क जैसी ही दिखती है। यह ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-ई और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। यदि आप रोजाना सुबह 2 से 3 भिगोए हुए अखरोट का सेवन करते हैं, तो यह न केवल आपकी याददाश्त को तेज करने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव के स्तर को भी कम करने का कार्य करता है।
  • अंडे: अंडे को प्रोटीन का खजाना माना जाता है, लेकिन इसमें मौजूद कोलिन तत्व मस्तिष्क के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। कोलिन हमारे शरीर में एसिटाइन कोलिन के निर्माण में सहायक होता है, जो याददाश्त को बढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।
  • फैटी फिश: ओमेगा-3 फैटी एसिड, विशेष रूप से ईपीए और डीएचए, का सबसे अच्छा स्रोत फैटी फिश को माना जाता है। डीएचए हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं का मुख्य हिस्सा है। यह न्यूरॉन्स को लचीला बनाकर उनके कामकाज की गति को तेज करने में मददगार साबित होता है।
  • कद्दू के बीज: जिंक, आयरन, कॉपर और मैग्नीशियम से भरपूर कद्दू के बीज दिमागी सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं। जहाँ जिंक नसों के बीच संकेतों को भेजने में मदद करता है, वहीं मैग्नीशियम याददाश्त और सीखने की क्षमता को धार देने का काम करता है। डॉक्टर का सुझाव है कि दिन में एक चम्मच भुने हुए कद्दू के बीज खाने से मानसिक थकान कोसों दूर रहती है।
  • बेरीज: स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे फलों में एंथोसियानिन नामक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखता है। नियमित रूप से बेरीज खाने से न्यूरॉन्स के बीच बेहतर तालमेल बनता है और जानकारी को तेजी से ग्रहण करने की क्षमता विकसित होती है।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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