अरब सागर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, ईरानी जहाज से 3,000 करोड़ की खेप जब्त पाकिस्तान 6 घंटे पहले 6
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने एक संयुक्त अभियान में अरब सागर से 526 किलो नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है।

समुद्र के रास्ते तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात एटीएस और अन्य केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर लक्षद्वीप के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में एक संदिग्ध ईरानी नाव को घेर लिया। इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की है। पकड़े गए नशीले पदार्थों का वजन 526 किलो है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

खुफिया जानकारी और सटीक घेराबंदी

इस पूरी कार्रवाई को एक ठोस खुफिया इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया। भारतीय तटरक्षक बल को यह सूचना मिली थी कि समुद्र के रास्ते ड्रग्स की एक बड़ी खेप भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही सतर्कता बढ़ाते हुए तटरक्षक बल ने समुद्री और हवाई मार्ग से निगरानी का जाल बिछा दिया। तटरक्षक बल की टीम ने संदिग्ध नाव की पहचान की और लगातार उसका पीछा किया। अंततः 25 सितंबर 2026 को सुरक्षा बलों ने उस ईरानी ढो को पकड़ लिया। घेराबंदी इतनी सटीक थी कि तस्करों को बचने का कोई मौका नहीं मिला।

पकड़े गए पांच तस्कर, मुंबई में चल रही जांच

इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने नाव पर सवार 5 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। बरामद की गई ड्रग्स, पकड़ी गई नाव और सभी आरोपियों को सुरक्षा के कड़े घेरे में मुंबई लाया गया है। तटरक्षक बल के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी को हिरासत में लेकर अब विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं और नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।

ड्रग्स नेटवर्क पर करारी चोट

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका है। तटरक्षक बल ने स्पष्ट किया है कि भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे पूरी तरह मुस्तैद हैं। बल ने इस बात पर जोर दिया कि ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस तरह की कार्रवाइयां न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करती हैं, बल्कि सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को भी नई दिशा देती हैं। तटरक्षक बल का यह प्रयास देश के युवाओं को ड्रग्स के घातक जाल और उनके भविष्य को बर्बाद करने वाले खतरों से बचाने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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