बघेलखंड का अनोखा स्वाद: मीठी बूंदी के साथ नमकीन सेव का मेल कर देगा आपको हैरान जीवनशैली 2 घंटे पहले 5
मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में मीठी बूंदी एक खास पारंपरिक मिठाई है, जिसे वहां के लोग नमकीन सेव के साथ मिलाकर खाना बेहद पसंद करते हैं।

बघेलखंड की खास पहचान है मीठी बूंदी

मध्य प्रदेश का बघेलखंड क्षेत्र न केवल अपनी अनूठी संस्कृति और लोक भाषाओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां के पारंपरिक पकवान भी अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। बघेलखंड में मीठी बूंदी एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है, जिसे वहां के लोग बेहद चाव से खाते हैं। इसे घर के छोटे-मोटे आयोजनों से लेकर बड़े त्योहारों और शुभ कार्यों तक में मुख्य रूप से तैयार किया जाता है। बेसन, चीनी, घी या तेल और इलायची के मेल से बनी यह स्वादिष्ट मिठाई न केवल कम समय में तैयार हो जाती है, बल्कि इसका स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। गांवों से लेकर शहरों तक, बघेलखंड के हर कोने में यह मिठाई काफी लोकप्रिय है।

कैसे तैयार की जाती है रसीली बूंदी

मीठी बूंदी बनाने की प्रक्रिया काफी सरल और पारंपरिक है। सबसे पहले बेसन को पानी में मिलाकर एक पतला घोल तैयार किया जाता है। इसके बाद कड़ाही में घी या तेल गर्म करके झारे की सहायता से बेसन की बूंदों को उसमें तला जाता है। दूसरी तरफ, मिठाई में मिठास भरने के लिए पानी और चीनी की चाशनी तैयार की जाती है, जिसमें इलायची के साथ-साथ केसर या पसंदीदा खाद्य रंग मिलाया जाता है। जब बूंदी अच्छी तरह से तल जाती है, तो उसे सीधे गर्म चाशनी में डाल दिया जाता है। इस मिश्रण को लगभग आधे घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, जिससे बूंदी पूरी तरह से रसीली और नरम हो जाती है।

रीवा की मशहूर दुकान और परंपरा

रीवा शहर के शिल्पी प्लाजा में स्थित बंगाल स्वीट्स के मालिक पवन चौरसिया, जो पिछले 30 साल से इस मिठाई को बना रहे हैं, बताते हैं कि यह बघेलखंड की देसी पहचान है। पवन के अनुसार, इस मिठाई के बिना शुभ कार्य अधूरे माने जाते हैं। मेहमानों के स्वागत के अलावा सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजा-पाठ में इसे विशेष रूप से प्रसाद के रूप में चढ़ाया और वितरित किया जाता है। बंगाल स्वीट्स में यह मिठाई ₹200 प्रति किलो की दर से उपलब्ध रहती है।

मीठा और नमकीन का अद्भुत संगम

इस क्षेत्र की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां लोग मीठी बूंदी को सिर्फ अकेले नहीं खाते, बल्कि इसे तीखी और कुरकुरी सेव या भुजिया के साथ मिलाकर खाना पसंद करते हैं। यह मीठा और नमकीन का अनोखा कॉम्बिनेशन बघेलखंड के कस्बों और गांवों में काफी मशहूर है। चाहे कोई त्योहार हो, घर में कोई खास अवसर हो या फिर सुबह का नाश्ता, लोग इस मेल का भरपूर आनंद लेते हैं। इतना ही नहीं, शाम की चाय के साथ भी मीठी बूंदी और कुरकुरी सेव का यह जोड़ा लोगों को काफी आकर्षित करता है और स्वाद को दोगुना कर देता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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