छत्तीसगढ़
3 घंटे पहले
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अतिथि व्याख्याता नीति में बड़ा बदलाव
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले गेस्ट लेक्चरर्स के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत भरी खबर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में जरूरी बदलाव किए गए हैं। प्रशासकीय अनुमोदन के बाद अब संशोधित नीति-2026 को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना है।
मेरिट सूची और स्थानीय प्राथमिकता
संशोधित नीति के तहत मेरिट सूची तैयार करने के नियमों को काफी स्पष्ट कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार यदि चयन प्रक्रिया के दौरान दो अभ्यर्थियों के अंक समान पाए जाते हैं, तो वरीयता सूची में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को पहला स्थान दिया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वे शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर तरीके से अपनी सेवाएँ दे सकेंगे। इसके अलावा अध्यापन के अनुभव को भी अधिक महत्व दिया गया है। अब गेस्ट लेक्चरर्स को 5 महीने के अध्यापन अनुभव के बदले मेरिट में 5 अंक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो पिछली नीति में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं था।
मानदेय और कार्य दिवसों का निर्धारण
कैबिनेट बैठक में गेस्ट लेक्चरर्स के मानदेय ढांचे में भी बदलाव का निर्णय लिया गया है। अब मानदेय का भुगतान कार्य दिवसों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने के साथ ही काम करने के दिनों और छुट्टियों से जुड़े प्रावधानों को भी स्पष्ट कर दिया गया है ताकि शिक्षकों को अपने भुगतान को लेकर किसी भी प्रकार की उलझन न हो।
अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण
राज्य कैबिनेट ने युवाओं के भविष्य को देखते हुए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की भर्तियों में 10 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा। 'पूर्व अग्निवीर भर्ती नियम-2026' को मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह आरक्षण मुख्य रूप से पुलिस, वन और जेल विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती के दौरान दिया जाएगा, जिससे अग्निवीरों को नई नौकरी पाने में काफी मदद मिलेगी।
फिल्म हनुमान अंश को कर मुक्त करने का निर्णय
सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों को प्रोत्साहन देते हुए छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने फिल्म 'हनुमान अंश' को राज्य में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है। सरकार ने सिनेमाघरों को होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए एसजीएसटी (SGST) के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति करने का भी फैसला लिया है। इसके लिए संबंधित विभाग को पूरी प्रक्रिया का समर्थन और कार्यान्वयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कैबिनेट बैठक राज्य के युवाओं, शिक्षकों और प्रशासनिक सुधारों की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें लिए गए निर्णयों का सीधा असर प्रदेश के विभिन्न वर्गों पर पड़ेगा।
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