जुड़वां बहन से आखिरी बातचीत के बाद महिला ने दी जान, धर्मशाला में घरेलू कलह की दर्दनाक दास्तां हिमाचल प्रदेश 3 महीने पहले 40
धर्मशाला के दाड़ी में जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स पर तैनात महिला ने घरेलू कलह और पति व सास की कथित प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली। पुलिस ने BNS की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से सटे दाड़ी इलाके में मंगलवार को एक महिला ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि महिला पलोमा ने अपनी जुड़वां बहन से फोन पर बात करते-करते ही फंदा लगा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शुरुआती जांच में घरेलू कलह को इस घटना की वजह बताया जा रहा है।

पलोमा अपने पति से अलग रहकर अपने पिता के घर में रह रही थी और पारिवारिक तनाव से लंबे समय से परेशान थी। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने जान देने के पीछे की वजहें लिखी हैं और अपने पति व सास की प्रताड़नाओं का जिक्र किया है।

मौके पर पहुंची पुलिस, BNS की धारा 108 में केस

सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। मृतका अपने पीछे सास, पति और एक छोटे बेटे को छोड़ गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एएसपी कांगड़ा राजिंदर जसवाल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और मामले के अन्य पहलुओं पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

सुसाइड नोट में लिखी पीड़ा

महिला जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स पर तैनात थी और डायबिटीज की मरीज भी थी। उसने नोट में लिखा कि वह अकेले घर का खर्च चला रही थी और उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के अनुसार उसे गुजारा भत्ता नहीं दिया जा रहा था और बेटे से भी मिलने नहीं दिया जाता था।

बहन जूली ने बयां की दर्दभरी कहानी

महिला की बहन जूली ने बताया कि वे दोनों जुड़वां बहनें थीं—मिली और जूली। पलोमा की शादी 2006 में हुई थी और उसके बाद से पति के साथ लगातार कलह चलती रही। जूली के मुताबिक शादी के एक साल बाद ही पति ने मारपीट शुरू कर दी थी। शुरुआत में संतान न होने पर भी उसे परेशान किया जाता रहा, और शादी के चार साल बाद बेटा होने पर पति उसका खर्च तक नहीं उठाता था।

मेरी बहन किसी को कोई तकलीफ नहीं देती थी। जब हमने बच्चे को अच्छे स्कूल में डाला तो पति विरोध करने लगा। मैंने और बहन ने पैसे देकर एडमिशन कराया था।

जूली ने बताया कि उसकी बहन सात साल से अलग रह रही थी। घटना वाली सुबह भी दोनों की बात हुई थी और रात को फोन पर बातचीत के दौरान वह लगातार रोती रही थी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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