जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छात्रों को नवाजा मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 79
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में आयोजित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को काफी भव्य रहा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने वाले 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किए।

पदक और उपाधियों का वितरण

विश्वविद्यालय प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान कुल 141 विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदक दिए गए। इसके अलावा, 182 शोधार्थियों को उनकी मेहनत और लगन के लिए पीएचडी सहित अन्य महत्वपूर्ण उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक भी उपस्थित रहे।

युवाओं को दी राष्ट्र निर्माण की सीख

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को समाज के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को अपने आसपास के ग्रामीण और वंचित समुदायों की समस्याओं को गहराई से समझने की आवश्यकता है। उनके द्वारा विकसित किए गए समाधान ऐसे होने चाहिए जो इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकें।

जनजातीय संस्कृति और नवाचार पर जोर

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और अस्मिता के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि:

  • जनजातीय समाज के पारंपरिक ज्ञान, कौशल और शिल्प को आधुनिक शिक्षा व शोध के साथ जोड़ना अनिवार्य है।
  • विश्वविद्यालयों को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे जनजातीय ज्ञान परंपरा का व्यवस्थित अध्ययन हो सके।
  • आधुनिक विकास की दौड़ में जनजातीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना आज की महती आवश्यकता है।

राष्ट्रपति ने शिक्षण संस्थानों का आह्वान किया कि वे नवाचार के माध्यम से इस दिशा में विशेष प्रयास करें ताकि शोध का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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