बोकारो का अनोखा बेवफा पान वाला: प्रेमिका की याद में रखा नाम, 12 तरह के स्वाद के हैं चर्चे झारखंड एक घंटा पहले 4
बोकारो के मेले में एक पान की दुकान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसका नाम 'बेवफा पान वाला' रखा गया है। दुकान के मालिक ने अपनी पुरानी प्रेम कहानी और यादों से प्रेरित होकर यह अनोखा नाम चुना है और यहां कई तरह के स्पेशल पान मिलते हैं।

बोकारो मेले में आकर्षण का केंद्र बना बेवफा पान वाला

अगर आप बोकारो में रहते हैं या वहां किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो आपने शायद सेक्टर-4 के सर्कस मैदान में चल रहे दुबई वॉटरफॉल कार्निवल मेले में एक बहुत ही खास दुकान देखी होगी। इन दिनों इस मेले में बेवफा पान वाला के नाम से मशहूर एक स्टॉल हर किसी की जुबान पर है। पान के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां स्वाद के साथ-साथ एक भावुक प्रेम कहानी भी जुड़ी हुई है। यहां आपको 12 से भी ज्यादा तरह के पान चखने को मिलेंगे, जिनमें से 6 पान तो विशेष रूप से युवाओं और प्रेम प्रसंगों की थीम पर आधारित हैं।

प्रेमिका की याद में रखा गया अनोखा नाम

इस अनूठी दुकान के मालिक आलम अंसारी हैं, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। अपनी दुकान के इस अजीबोगरीब नाम के पीछे के रहस्य को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनके जीवन में एक वक्त ऐसा आया था जब उन्हें मोहब्बत हुई, लेकिन वह रिश्ता मुकम्मल नहीं हो पाया। अपनी उसी प्रेमिका की यादों को संजोए रखने के लिए उन्होंने अपनी दुकान का नाम बेवफा पान वाला रखा। आज यह नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया है।

थीम आधारित स्पेशल पान और उनकी कीमतें

आलम अंसारी ने ग्राहकों की पसंद और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पान की अलग-अलग श्रेणियों को आकर्षक नाम दिए हैं। उनके स्टॉल पर मिलने वाले स्पेशल पान की सूची इस प्रकार है:

  • प्यार में धोखा पान: 40 रुपये
  • पत्नी पीड़ित पान: 35 रुपये
  • आशिकी पान: 35 रुपये
  • नए प्रेमियों का पान: 30 रुपये
  • मनचाहा प्यार पाने का पान: 30 रुपये
  • अकेलापन पान: 30 रुपये
  • साधारण मीठा पान: 20 रुपये

इनमें से नए प्रेमियों का पान सबसे ज्यादा डिमांड में रहता है और इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोज इसके करीब 50 से 100 पान बिक जाते हैं।

तैयार करने का खास तरीका

इन स्वादिष्ठ पान को बनाने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प है। दुकानदार बताते हैं कि सबसे पहले एक ताजा पान का पत्ता लिया जाता है। इसके बाद इसमें गुलकंद, मीठी सुपारी, रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी, कसा हुआ नारियल और इलायची पाउडर का मिश्रण भरा जाता है। हर खास पान की अपनी एक अलग रेसिपी है, जिसमें ग्राहक की पसंद के अनुसार विशेष फ्लेवर मिलाए जाते हैं। फिर इसे एक सुंदर आकार में लपेटकर ग्राहकों को परोसा जाता है, जिसे चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

कब तक ले सकते हैं स्वाद

आलम अंसारी का यह सफर केवल बोकारो तक सीमित नहीं है, वे अलग-अलग शहरों में लगने वाले मेलों में जाकर अपने पान की कला का प्रदर्शन करते हैं। उनकी दुकान मेला अवधि के दौरान रोजाना शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहती है। यदि आप भी इस अनोखे स्वाद को चखना चाहते हैं, तो बोकारो के दुबई वॉटरफॉल कार्निवल मेले में 25 अगस्त तक इसका आनंद ले सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप