मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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सरकारी स्कूल की लापरवाही
मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सरकारी स्कूल के मासूम बच्चों को सड़े हुए लड्डू परोस दिए गए। इन लड्डुओं में न केवल फफूंद लगी थी, बल्कि इनमें इल्लियां भी रेंग रही थीं। इस लापरवाही का शिकार होकर 5 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने अपने बच्चों को इलाज के लिए अस्पतालों की दौड़ लगाई।
लड्डू खाने से बच्चों की बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पावई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मल्लपुरा गांव स्थित माध्यमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में विशेष भोजन का प्रबंध किया गया था। इस भोज में बच्चों को पूरी, सब्जी, खीर और मिठाइयां परोसी जानी थीं। हालांकि, वितरण के दौरान छात्रों को जो लड्डू दिए गए, वे खाने योग्य बिल्कुल नहीं थे। जब बच्चों ने लड्डुओं की खराब स्थिति देखी, तो उनमें से कई ने तुरंत उन्हें फेंक दिया, लेकिन कुछ छोटे बच्चों ने बिना देखे ही जल्दबाजी में लड्डू खा लिए। लड्डू खाते ही इन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इनमें से 2 बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा है, जबकि अन्य का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। गनीमत यह है कि वर्तमान में सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस की बदसलूकी और पिता के साथ मारपीट
इस घटना से आक्रोशित होकर, पीड़ित बच्चों के पिता, जो पेशे से एक श्रमिक हैं, अपने बीमार बच्चों को लेकर न्याय की आस में पावई थाने पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने मदद करने के बजाय उनके साथ अभद्रता की और थाने में ही उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, पीड़ित पिता को पुलिस ने थाने में बैठाए रखा, जबकि अन्य परिजन बच्चों को लेकर जिला अस्पताल ले गए। बाद में उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
मामला दबाने की कोशिश और प्रशासनिक जांच
इतना कुछ होने के बाद भी मामले को रफा-दफा करने के प्रयास किए गए। पीड़ित मां ने बताया कि देर शाम उनके पास एक आशा कार्यकर्ता का फोन आया, जिसमें उन्हें पैसों का लालच देकर मामला शांत करने के लिए कहा गया। हालांकि, पीड़ित परिवार ने अपने बच्चों की जान की कीमत पर पैसों के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन पर की गई। इस पर संज्ञान लेते हुए चाइल्ड वेलफेयर टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रहे हैं और संबंधित विभागों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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