रेवंत रेड्डी के 'क्रिमिनल वेस्ट' वाले बयान पर मचा बवाल, निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना भारत एक घंटा पहले 5
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा इंजीनियरिंग छात्रों की योग्यता पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इंजीनियरिंग छात्रों पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयान ने एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग स्नातकों की नौकरी पाने की क्षमता और उनके कौशल पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने इंजीनियरिंग छात्रों को 'क्रिमिनल वेस्ट' करार दिया, जिसके बाद राज्य में विपक्षी दल बीआरएस और भाजपा दोनों ही उनके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर राज्य के छात्रों और युवाओं का अपमान करने का आरोप लगाया है।

शिक्षण संस्थानों और आवेदन प्रक्रिया पर सवाल

हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने शिक्षा और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हर साल तेलंगाना में लगभग 1.10 लाख छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में डिग्री प्राप्त करने के बावजूद, इनमें से अधिकांश छात्र नौकरी के लिए आवश्यक आवेदन फॉर्म तक ठीक से भरने में अक्षम हैं। उन्होंने शिक्षकों को चुनौती देते हुए कहा कि वे खुद किसी छात्र को बुलाकर एक सादा कागज दें और उससे नौकरी का आवेदन भरवाकर देख लें, वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी।

मुख्यमंत्री के दावों का आधार

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि यह स्थिति देश के लिए 'क्रिमिनल वेस्ट' के समान है। उन्होंने तर्क दिया कि छात्र डिग्री लेने के बाद छोटी नौकरी करना नहीं चाहते और न ही वे कोई नया कौशल सीखना चाहते हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि माता-पिता भी इस सच्चाई से अनभिज्ञ हैं और वे केवल यह दबाव बनाते हैं कि उनका बेटा इंजीनियर बन चुका है, इसलिए उसे अच्छी नौकरी मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, यह शिक्षा प्रणाली की विफलता है कि स्नातक अपनी योग्यता साबित करने में संघर्ष कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

इस पूरे मामले पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को घेरा है। उन्होंने रेवंत रेड्डी को एक अच्छा इंसान और अपना पुराना मित्र बताया। दुबे ने कहा कि रेवंत रेड्डी का वैचारिक आधार विद्यार्थी परिषद से जुड़ा रहा है, इसलिए उनकी मूल सोच सही है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत अब राहुल गांधी के प्रभाव में काम कर रहे हैं। दुबे के मुताबिक, मुख्यमंत्री केवल वही बातें दोहरा रहे हैं जो उन्हें राहुल गांधी द्वारा कही जाती हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसमें रेवंत रेड्डी की कोई निजी गलती नहीं है, बल्कि यह राहुल गांधी के निर्देशों का पालन करने का परिणाम है।

रेवंत रेड्डी के पुराने विवादास्पद बयान

यह पहला मौका नहीं है जब रेवंत रेड्डी के बयानों ने चर्चा बटोरी है। इससे पहले भी वे कई मौकों पर अपने बयानों के कारण विवादों में घिरे रहे हैं। महिला आरक्षण जैसे गंभीर राजनीतिक विषयों पर भी उनकी टिप्पणियां पहले काफी सुर्खियों में रही थीं। उस समय भी उन्होंने अपनी बातों से राजनीतिक विरोधियों को हमला करने का मौका दिया था। फिलहाल, इंजीनियरिंग छात्रों को लेकर दी गई यह टिप्पणी राज्य के युवाओं में रोष का कारण बन गई है और देखना होगा कि सरकार इस पर क्या सफाई पेश करती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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