उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की एक युवती जहरीले सांप के काटने के बाद कोमा में चली गई थी और कुछ दिनों तक मौत से जूझने के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग जीतकर वापस लौट आई। सांप के डसने के बाद उसे फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने कई दिनों तक उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया। परिजनों को भी पूरी उम्मीद थी कि उनकी बेटी ठीक होकर घर लौटेगी। अब युवती पूरी तरह स्वस्थ होकर घर पहुंच चुकी है और इस घटना की चर्चा इलाके में जोरों पर है।
सोते समय करैत ने कान पर किया हमला
शिकोहाबाद के मैनपुरी चौराहा स्थित ओम नगर में रहने वाली युवती निधि यादव ने बातचीत में बताया कि वह 21 मई को घर में चारपाई पर सो रही थी। तभी रात को अचानक कहीं से एक काला जहरीला सांप आ गया और उसने कान पर काट लिया। काटते ही युवती ने सांप को पकड़कर नीचे फेंक दिया, जिसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।
सांप को देखकर युवती घबरा गई। उसके पिता उसे लेकर पास के एक अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां बेहतर इलाज न मिल पाने के कारण उसे फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिरोजाबाद पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी और सांप का जहर पूरे शरीर में फैलने लगा।
तीन दिन बाद कोमा से लौटी
युवती ने बताया कि धीरे-धीरे उसकी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा और गला भी बंद होने लगा। उसी समय मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर मनोज वर्मा और डॉ. गौरव गुप्ता ने उसे तुरंत आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर भर्ती किया। इस दौरान युवती पूरी तरह कोमा में जा चुकी थी और उसे न कुछ सुनाई दे रहा था और न दिखाई दे रहा था। करीब तीन दिन बाद जब उसे होश आया और डॉक्टरों ने जांच की, तो वह पूरी तरह ठीक थी।
युवती के पिता दिनेश कुमार ने कहा कि सांप को देखकर पूरा परिवार सहम गया था। उनकी बेटी की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और उन्हें लगने लगा था कि अब उसका कोई इलाज नहीं हो सकता। लेकिन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने उनकी बेटी को नई जिंदगी दी।
एंटी स्नेक वेनम से बची जान
फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि शिकोहाबाद से निधि को इलाज के लिए लाया गया था। उसे सोते समय जहरीले करैत नस्ल के सांप ने कान में काट लिया था, जिसके कारण उसकी हालत बेहद गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। वह पूरी तरह कोमा में थी और उसकी पूरी बॉडी पैरालाइज हो चुकी थी।
डॉक्टर के मुताबिक, इसके बाद युवती को एंटी स्नेक वेनम दवा की डोज देना शुरू किया गया। दो-तीन दिन बाद दवा का बेहतरीन असर हुआ और उसने सबसे पहले अपनी आंख खोली, जिससे डॉक्टरों की टीम में उम्मीद की किरण जाग गई। मौत के करीब पहुंच चुकी निधि अब पूरी तरह ठीक है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि फिरोजाबाद में सांप के काटने के कई मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन अक्सर लोगों में यह भ्रम फैल जाता है कि सांप के काटने का कोई मेडिकल इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते मरीज को डॉक्टर के पास लाया जाए, तो निश्चित रूप से उसकी जान बचाई जा सकती है।
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