रिश्तों की बुनियाद 58 साल पहले इंदिरा गांधी ने रखी, होर्मुज संकट में अब दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश बनेगा भारत का सहारा? राष्ट्रीय राजनीति 13 घंटे पहले 3
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज आज से भारत दौरे पर हैं, और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के बीच भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले इस देश के साथ ऊर्जा सहयोग गहरा करने की ओर बढ़ रहा है।

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज आज से अपने भारत दौरे की शुरुआत कर रही हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे नाजुक मोड़ पर हो रही है, जब होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के चलते भारत में तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है।

होर्मुज संकट के बीच अहम यात्रा

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत की ऊर्जा सप्लाई बाधित हुई है। ऐसे हालात में भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुश्किल घड़ी में वेनेजुएला तेल आपूर्ति के एक वैकल्पिक स्रोत के रूप में सामने आ सकता है।

58 साल पुराना रिश्ता

दोनों देशों के संबंधों की नींव आज से 58 साल पहले रखी गई थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी ऐतिहासिक कराकस यात्रा की थी। उसी दौरे ने भारत और वेनेजुएला के बीच रिश्तों की शुरुआत की पटकथा लिखी।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा में भूमिका

अब उम्मीद की जा रही है कि वेनेजुएला भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और तेल की वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस यात्रा को इसी रणनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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