उपनाम: वन विभाग
तेलंगाना के खेत में मिले 20 मगरमच्छ के नवजात और 60 अंडे, संगारेड्डी के मेलागिरी पेट गांव में फैली दहशत
संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में एक खेत के पास करीब 20 मगरमच्छ के बच्चे और लगभग 60 अंडे मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग ने सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर मंजिरा बांध स्थित प्रजनन केंद्र भेज दिया, लेकिन बड़े मगरमच्छों का पता न चलने से ग्रामीण डरे हुए...
खंडवा के गुड़ी जंगल में लौटी हरियाली, बंजर जमीन पर अब लहलहा रहे बांस के पौधे
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में कभी अतिक्रमण और अवैध कटाई से उजड़ चुकी जमीन वन विभाग के अभियान के बाद फिर हरे-भरे जंगल में बदल रही है। करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार से ज्यादा बांस के पौधे रोपे गए हैं।
तीन माह तक बेटी की तरह पाली हिरणी 'फातिमा', विदाई के वक्त मेहंदी लगाकर नम आंखों से किया रुखसत
जोधपुर के इस्लामनगर गांव में इलियास खान के परिवार ने कुत्तों के हमले से बचाई गई हिरणी के नन्हे बच्चे को तीन महीने तक बेटी की तरह पाला और 'फातिमा' नाम दिया। वन विभाग को सौंपते वक्त परिवार ने उसे मेहंदी लगाकर भावुक विदाई दी।
सोन घड़ियाल अभ्यारण में नई जान, 80 शावकों के जन्म से जगी संरक्षण की उम्मीद
मध्य प्रदेश के सीधी जिले स्थित सोन घड़ियाल अभ्यारण के जोगदहा घाट क्षेत्र में करीब 80 घड़ियाल शावकों का जन्म हुआ है। नर घड़ियालों की कमी से जूझ रहे इस अभ्यारण में लगातार दूसरी बार सफल प्रजनन ने संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दी है।
रिश्वत लेते धराया वक्फ बोर्ड का इंस्पेक्टर, मस्जिद की संपत्ति दर्ज कराने के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये
तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वक्फ बोर्ड के एक इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। इसी दौरान एक अलग मामले में वन विभाग के रेंज अधिकारी को भी 80 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया।
करौली पहुंचा कूनो का चीता KGP-3, नवलापुरा में पांच भेड़ों का शिकार; रेडियो कॉलर से निगरानी जारी
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क का चीता KGP-3 करौली के मासलपुर इलाके में आ पहुंचा है और उसने नवलापुरा गांव के पास पांच भेड़ों को मार डाला। वन विभाग की टीम रेडियो कॉलर के जरिए उसकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है।
हरियाली की ओर बढ़ता भीलवाड़ा, लाखों पौधों के साथ बड़े वृक्षारोपण अभियान की तैयारी
टेक्सटाइल सिटी के नाम से मशहूर भीलवाड़ा को हरा-भरा बनाने के लिए जिले की 17 नर्सरियों में लाखों पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें आने वाले कार्यक्रमों में अलग-अलग जगहों पर लगाया जाएगा।