तेलंगाना के खेत में मिले 20 मगरमच्छ के नवजात और 60 अंडे, संगारेड्डी के मेलागिरी पेट गांव में फैली दहशत राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में एक खेत के पास करीब 20 मगरमच्छ के बच्चे और लगभग 60 अंडे मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग ने सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर मंजिरा बांध स्थित प्रजनन केंद्र भेज दिया, लेकिन बड़े मगरमच्छों का पता न चलने से ग्रामीण डरे हुए हैं।

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में सोमवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों और स्थानीय किसानों को एक खेत के पास बड़ी संख्या में मगरमच्छ के बच्चे और अंडे नजर आए। इलाके से गुजर रहे किसानों की नजर अचानक एक खेत पर पड़ी, जहां करीब 20 मगरमच्छ के नवजात बच्चे रेंग रहे थे।

एक साथ दर्जनों बच्चे और 60 अंडे देख सहमे लोग

थोड़ा और करीब जाने पर किसानों को वहीं लगभग 60 अंडे भी दिखाई दिए। एक ही जगह इतने सारे मगरमच्छों को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। बिना किसी देरी के किसानों ने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाई।

वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू

सूचना मिलते ही वन अधिकारियों की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई। टीम ने बेहद सावधानी के साथ सभी 20 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और सभी 60 अंडों को भी अपने कब्जे में ले लिया।

शुरुआती जांच और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने बचाए गए सभी बच्चों और अंडों को तुरंत मंजिरा बांध स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भेज दिया, ताकि वहां उनकी सही देखभाल और संरक्षण किया जा सके।

दो मादा मगरमच्छों के घोंसले होने की आशंका

वन अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में एक दिलचस्प पहलू सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि दो मादा मगरमच्छों ने एक-दूसरे के बिल्कुल पास अपने घोंसले बनाए थे।

मेलागिरी पेट गांव के नजदीक ही मेलागिरी पेट परियोजना नाम की एक लघु सिंचाई परियोजना है। अधिकारियों को आशंका है कि मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर अंडे देने और घोंसला बनाने के लिए इसी सुरक्षित और सूखी जगह पर आए होंगे।

बड़े मगरमच्छों का सुराग नहीं, ग्रामीण डरे हुए

वन विभाग की टीम ने इलाके में दो घंटे से अधिक समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उन्हें कोई बड़ा मगरमच्छ नहीं मिला। इसी वजह से गांव वालों में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि बड़े मगरमच्छ आसपास ही कहीं छिपे हो सकते हैं और किसी पर भी हमला कर सकते हैं।

ग्रामीणों ने वन अधिकारियों से जोरदार अपील की है कि वयस्क मगरमच्छों को भी जल्द से जल्द ढूंढकर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। फिलहाल अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बड़े मगरमच्छों की तलाश जारी रखी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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