उपनाम: उत्तराखंड
दहेज में स्कूटर, फिर मोटरसाइकिल और आखिर में एक लाख नकद की मांग; विवाद के बीच दुल्हन के पिता को हार्ट अटैक, मौत
उत्तराखंड के खटीमा में निकाह के दौरान दहेज और मेहर की रकम को लेकर हुए विवाद में दुल्हन के पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने दूल्हे और बारातियों को बंधक बनाकर मारपीट की।
देहरादून की 62 साल पुरानी इस चाय की दुकान पर आधा चम्मच में बनती है कड़क चाय, मिलता है असम-दार्जिलिंग का स्वाद
देहरादून के हनुमान चौक पर मौजूद जैन बंधु चाय शॉप 1964 से असम और दार्जिलिंग के बागानों की प्रीमियम चाय पत्ती बेच रही है, जिसकी आधा चम्मच मात्रा से ही कड़क चाय तैयार हो जाती है।
खुशबू की मिसाल: पहाड़ों की यह 'पाती' एयर फ्रेशनर और अगरबत्ती को भी दे रही मात, 12 घंटे तक महकता है घर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाया जाने वाला पाती का पौधा अपनी प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खुशबू के लिए जाना जाता है, जिसकी महक घर में 8 से 12 घंटे तक बनी रहती है।
देहरादून: बिना सरकारी मदद, जेबखर्च बचाकर नदियों को जिंदा कर रहे 'मेड' संस्था के युवा
देहरादून के युवाओं की संस्था 'मेड' बिना किसी सरकारी बजट के रिस्पना, बिंदाल और तमसा नदियों की सफाई में जुटी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर इनका यह मूक प्रयास शहर के लिए मिसाल बन गया है।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा: 31 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, केदारनाथ रहा सबसे आगे; 161 की मौत
इस साल अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 31 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, जिसमें केदारनाथ में सर्वाधिक भीड़ रही। वहीं स्वास्थ्य समस्याओं और अन्य कारणों से 161 श्रद्धालुओं की जान चली गई है।
Nainital News: 10 साल, 70 हजार KM और एक संदेश! तमिलनाडु से पैदल नैनीताल पहुंचे ‘एनीमेशन वाले बाबा’
एनीमेशन की चमकती दुनिया छोड़कर आध्यात्म की राह पकड़ने वाले तमिलनाडु के एक संन्यासी इन दिनों नैनीताल में चर्चा का विषय बने हुए हैं, जो बीते करीब 10 वर्षों में 70 हजार किलोमीटर से अधिक की नंगे पांव यात्रा कर चुके हैं।
बारिश-तूफान में कहां जाएं... न घर मिला, न मुआवजा, फिर भी टूटेगा आशियाना — जोशीमठ का दर्द
जोशीमठ के आपदा प्रभावित लोगों को न नया घर मिला और न मुआवजा, ऊपर से अब उनके मकान तोड़ने की तैयारी है। इसके खिलाफ सोमवार से 'जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले 48 घंटे का अनवरत धरना शुरू होने जा रहा है।
देहरादून जाएं तो राजपुर रोड का 'मटन खरोड़ा' जरूर चखें, 35 साल पुराना है पहाड़ी जायके का यह ठिकाना
देहरादून के राजपुर रोड पर घंटाघर के पास बीते 35 सालों से तैयार हो रहा पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन 'मटन खरोड़ा' नॉन-वेज प्रेमियों की पहली पसंद बन चुका है। महज 150 रुपये में मिलने वाला यह जायका स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
पहाड़ों में छिपा सेहत का खजाना: इस पेड़ से निकलने वाला सफेद दूध है गुणों की खान
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में उगने वाला अमर तिमुल का पेड़ अंजीर प्रजाति का है, जिसकी छाल और टहनियों से निकलने वाला सफेद दूध सेहत के लिहाज से बेहद उपयोगी माना जाता है।
सक्सेस स्टोरी: फौज से रिटायर होकर असली फल-सब्जियों जैसी मोमबत्तियां गढ़ रहे बागेश्वर के नारायण दत्त, कमाई सुनकर चौंक जाएंगे
बागेश्वर के नैनी गांव के पूर्व सैनिक नारायण दत्त फल और सब्जियों की हूबहू नकल जैसी सजावटी मोमबत्तियां बनाकर त्योहारी सीजन में हर महीने 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं और गांव की महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
देश का 'वॉटर टावर' कहलाने वाले उत्तराखंड की राजधानी में पानी की किल्लत, देहरादूनवासी बोले- जमाना बदल गया
जिस उत्तराखंड को देश का 'वॉटर टावर' कहा जाता है, उसी की राजधानी देहरादून से प्राकृतिक जल स्रोत लगभग गायब हो गए हैं और अब एक घूंट पानी के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ती है।
मोबाइल से रील्स बनाते-बनाते बने कलाकार, पहाड़ी म्यूजिक इंडस्ट्री में चमके नैनीताल के कार्तेय; परमीश वर्मा भी सराह चुके
नैनीताल के 20 वर्षीय कार्तेय दुग्ताल ने अपने पहले कुमाऊंनी म्यूजिक वीडियो ‘नखरियाली बांद’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। केवल एक मोबाइल फोन के सहारे सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज बटोरने वाले कार्तेय का सपना एक सफल अभिनेता बनना है।
नैनीताल में जाम का कहर: 'रिक्शे से 3 KM का सफर तय करने में पूरा एक घंटा', परेशान लोगों ने सुनाई आपबीती
उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल इन दिनों भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रही है, जिससे स्कूल, अस्पताल, बाजार और दफ्तर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अब महज 3 किलोमीटर की दूरी तय करने में रिक्शे से करीब एक घंटा लग रहा है।
नौतपा के अंतिम चार दिन बरसे बादल, अब कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? जानिए ज्योतिषी की राय
इस साल नौतपा के आखिरी चार दिनों में उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसे ज्योतिष में मौसम के बदलते चक्र का संकेत माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में मानसून सामान्य से बेहतर, पर बीच-बीच में अनिश्चित रह सकता है।
ऊंचाई, ठंड और कम ऑक्सीजन से बिगड़ी हालत: केदारनाथ जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
मध्य प्रदेश की 52 वर्षीय श्रद्धालु को केदारनाथ यात्रा के दौरान सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जानिए लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई वाली इस कठिन यात्रा पर निकलने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।