उपनाम: उत्तराखंड
ऋषिकेश के 8 प्राचीन शिव मंदिर: सावन में महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए जरूर करें इन पावन स्थलों की यात्रा
सावन के पावन महीने में ऋषिकेश के शिव मंदिरों की महिमा बढ़ जाती है, जहां भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। यहाँ ऋषिकेश के 8 प्रमुख पौराणिक शिव धामों की जानकारी दी गई है।
देहरादून में रॉबर्स केव से भी बेहतर और मुफ्त जगह, रायपुर की सोंग नदी में मिलेगा सुकून का असली अनुभव
अगर आप देहरादून की भीड़भाड़ वाली रॉबर्स केव से परेशान हो चुके हैं, तो रायपुर की सोंग नदी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है जहाँ आप बिना किसी टिकट के प्राकृतिक झरनों और ठंडे पानी का आनंद ले सकते हैं।
ऋषिकेश की इस जादुई कुटिया को देखकर याद आ जाएगा हैरी पॉटर का हॉगवर्ट्स
ऋषिकेश की पहाड़ियों में बनी एक मिट्टी की कुटिया इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जो मशहूर फिल्म श्रृंखला हैरी पॉटर के हैग्रिड के घर की याद दिलाती है।
उत्तराखंड में टला बड़ा संकट: निहंग सिखों ने खत्म किया धरना, एसएसपी ने बताया कैसे बनी सहमति
उत्तराखंड की सीमाओं पर पिछले कई दिनों से बना तनाव अब समाप्त हो गया है, क्योंकि प्रशासन के साथ सफल बातचीत के बाद निहंग सिखों ने अपना विरोध प्रदर्शन और मार्च वापस ले लिया है। देहरादून के एसएसपी ने पुष्टि की है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और संगत क...
हिमाचल-उत्तराखंड बॉर्डर पर तनाव, निहंगों ने तोड़े बैरिकेड्स; जानें क्या है पूरा विवाद
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हुई झड़प के बाद हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। निहंग सिखों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लंदन की जेल में बंद कैप्टन अजय पंत की मदद के लिए आगे आए सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड निवासी कैप्टन अजय पंत के लंदन में हिरासत में होने के मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है और भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर समाधान के प्रयास जारी हैं।
उत्तराखंड में निहंग सिखों का विवाद: नगरासू से रवानगी के बाद भी तनाव बरकरार, पंजाब से बड़ी संख्या में जत्था रवाना
रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे से निहंगों के जाने के बावजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। इस बीच, मोहाली से बड़ी संख्या में निहंग सिखों के कर्णप्रयाग पहुंचने की सूचना है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
उत्तराखंड में होमस्टे पर बदले नियम, अब हर कोई नहीं उठा पाएगा योजना का लाभ
उत्तराखंड सरकार ने होमस्टे योजना की नियमावली में कड़े बदलाव किए हैं। अब केवल वही लोग होमस्टे का संचालन कर सकेंगे जो अपने घर में स्थायी रूप से रहते हैं, साथ ही कमरों की संख्या के लिए भी नई सीमा तय की गई है।
उत्तराखंड में अपने खाली घर से कमाएं लाखों, सरकार की खास योजना का उठाएं फायदा
उत्तराखंड सरकार उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर लेकर आई है जिनके पास खाली कमरे हैं। इस योजना के जरिए अब बिना किसी व्यावसायिक निवेश के घर बैठे कमाई का जरिया बनाया जा सकता है।
गंगोत्री और केदारनाथ के बीच नई सड़क से आसान होगी तीर्थ यात्रा, 150 किलोमीटर की घटेगी दूरी
उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार गंगोत्री और केदारनाथ को जोड़ने के लिए एक नई सड़क परियोजना पर विचार कर रही है, जिससे चार धाम की यात्रा का समय और दूरी काफी कम हो जाएगी।
6 साल बाद खुली भारत-चीन सीमा, तिब्बत के लिए रवाना होंगे 26 भारतीय कारोबारी
भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे से व्यापारिक गतिविधियों की फिर से शुरुआत हो रही है। लंबे अंतराल के बाद पहले दल को तिब्बत जाने की अनुमति मिल गई है।
नैनीताल के नन्हे जादूगर साहिल को अब भी है आनंद महिंद्रा की मदद का इंतजार
सोशल मीडिया पर वायरल हुए 8 वर्षीय जादूगर साहिल ने आनंद महिंद्रा से मदद का वादा मिलने के बाद अब उनसे मुलाकात की उम्मीद जगाई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा यह परिवार फिलहाल नैनीताल में प्रशासनिक मुश्किलों का सामना कर रहा है।
ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का आखिरी मौका: केवल 6 दिन बाकी, मानसून के चलते बंद होंगी गतिविधियां
उत्तराखंड के ऋषिकेश में मानसून की दस्तक के साथ ही रिवर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगने वाली है। साहसिक खेलों के शौकीनों के पास अब राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए महज 6 दिन का समय शेष है।
नैनीताल की यात्रा है प्लान तो ये 6 रेस्टोरेंट्स हैं बेस्ट, महज 40 से 100 रुपये में मिलेगा घर जैसा स्वाद
अगर आप कम बजट में नैनीताल घूमने जा रहे हैं, तो मल्लीताल और तल्लीताल में मौजूद ये मशहूर फूड स्पॉट्स आपके सफर को स्वादिष्ट बना देंगे। यहाँ 40 से 100 रुपये के बीच बेहतरीन भोजन का आनंद लिया जा सकता है।
मॉनसून से पहले देहरादून के निवासियों में क्यों है खौफ? जानिए क्या है खतरा
देहरादून में मॉनसून आने से पहले शहरवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। तेज हवाओं और कमजोर होती मिट्टी के कारण सड़कों पर चलना लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है।