उपनाम: उत्तराखंड
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला: निजी वाहनों पर रोक, जानिए शटल सेवा और पूरा ट्रैफिक प्लान
उत्तराखंड के कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस का मेला आयोजित होगा, जिसके लिए नैनीताल पुलिस ने विशेष यातायात और सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस बार श्रद्धालु निजी वाहन से सीधे मंदिर तक नहीं जा सकेंगे और इसके लिए करीब 350 बसों की शटल व्यवस्था की गई है।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर होगा शूटर जसपाल राणा का अंतिम संस्कार, जानिए इसके पीछे की भावुक वजह
पद्मश्री और दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का अंतिम संस्कार उनकी आखिरी इच्छा के मुताबिक वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। देहरादून से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है और शिष्या मनु भाकर समेत कई हस्तियां अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं।
कैंची धाम में मालपुआ ही क्यों है खास प्रसाद? जानिए इस भोग से जुड़ी आस्था और परंपरा का रहस्य
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर बंटने वाला मालपुआ प्रसाद बाबा नीम करौली महाराज की प्रिय परंपरा से जुड़ा है। श्रद्धालु इसे केवल भोग नहीं, बल्कि बाबा का आशीर्वाद मानते हैं और कई लोग इसे वर्षों तक अपने घर में संभालकर रखते हैं।
निशानेबाज जसपाल राणा का निधन: उत्तराखंड की माटी से निकला वह सपूत जिसने देश को दिलाए पदक
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और मशहूर पिस्टल कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे खेल जगत ने इस क्षति पर शोक जताया।
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला: ट्रैफिक प्लान घोषित, निजी वाहनों की मंदिर तक एंट्री बंद; जानें पूरी व्यवस्था
नैनीताल पुलिस ने कैंची धाम स्थापना दिवस मेले के लिए विशेष यातायात योजना लागू की है, जिसके तहत श्रद्धालुओं को निजी वाहन पार्किंग में खड़ा कर शटल सेवा से मंदिर तक जाना होगा।
कैंची धाम में 15 जून को उमड़ेगा आस्था का सैलाब, स्थापना दिवस पर देश-विदेश से जुटेंगे श्रद्धालु
नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट ने मिलकर व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
बाजार के केमिकल साबुन-शैम्पू पर भारी पड़ रहा पहाड़ का 'रामबास', नहाने से कपड़े धोने तक हर काम में असरदार
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दानपुर क्षेत्र में ग्रामीण और भेड़ पालक आज भी नहाने, बाल धोने और कपड़े साफ करने के लिए रामबास नाम के प्राकृतिक पौधे का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा, बालों और पर्यावरण तीनों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
बागेश्वर के पोखरी गांव में रिंगाल से बन रहे इको फ्रेंडली डस्टबिन, प्लास्टिक को कहा अलविदा
उत्तराखंड का पोखरी गांव अब प्लास्टिक और लोहे की जगह पहाड़ी रिंगाल से बनी टोकरियों को कूड़ेदान के रूप में अपना रहा है, जिससे स्थानीय शिल्प और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
लापता बबीता का मोबाइल लोकेशन ट्रैक, कैंप से महज 200 मीटर दूर तक चालू मिला फोन
उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रेक के पास से गायब हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश 13वें दिन भी जारी है। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन गोई पड़ाव से करीब 200 मीटर नीचे मिली, पर अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
बागेश्वर की माघ धारा: न प्यूरीफायर की जरूरत, न फ्रिज की—सदियों से बुझा रही है लोगों की प्यास
बागेश्वर-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित माघ धारा वर्षों से आसपास के गांवों के लोगों की प्यास बुझा रही है। प्राकृतिक रूप से रिसकर निकलने वाला यह पानी स्वाद में मीठा और सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
साथ जीने-मरने का वादा हुआ सच: रीवा में कारोबारी पति की मौत के बाद उत्तराखंड में पत्नी ने दी जान
रीवा के युवा सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, और कुछ ही देर बाद उत्तराखंड में मायके गई उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत ने भी आत्महत्या कर ली। 2021 में प्रेम विवाह करने वाले इस दंपती का 'साथ मरने' का वादा रविवार को दर्दनाक हकीकत बन गया।
नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक उत्तराखंड के पिंडारी ट्रैक से लापता, पिता ने घोषित किया 10 लाख रुपये का इनाम
पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर 29 मई 2026 को लापता हुए नोएडा के 28 वर्षीय इंजीनियर अभिषेक चौहान का दस दिन से अधिक बीतने पर भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने ठोस जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ में पीएम मोदी के लिए हुआ विशेष अनुष्ठान, जानिए क्या हैं ये दुर्लभ पूजाएं
निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ और जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में विशेष वैदिक पूजा-अर्चना की गई।
देहरादून की सड़कों से क्यों ओझल हुआ पहाड़ों का 'लाल सोना' काफल, लोगों ने कहा- यह तो हमारी आत्मा था
गर्मियों में देहरादून की सड़कों पर टोकरियों में सजने वाला चटख लाल काफल इस बार ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा। स्थानीय लोग इसे उत्तराखंड की पहचान और बचपन की यादों से जोड़ते हैं।
बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।