उत्तराखंड निहंग विवाद: चमोली पुलिस से छिनी जांच, हरिद्वार एसएसपी को कमान और दर्ज हुई क्रॉस FIR उत्तराखंड 3 महीने पहले 108
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए निहंग सिख विवाद के बाद राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए जांच चमोली से हरिद्वार पुलिस को सौंप दी है और तीन बड़े प्रशासनिक निर्णय लिए हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार का कड़ा रुख

उत्तराखंड में कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारे में हुए हिंसक टकराव और तनाव के बाद धामी सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बड़ा कदम उठाया है। सिख संगठनों और अल्पसंख्यक आयोग के दबाव के चलते अब इस पूरे मामले की जांच चमोली पुलिस से वापस लेकर हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी को सौंप दी गई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने इस संबंध में तीन प्रमुख निर्णय लिए हैं ताकि जांच में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

ये हैं प्रशासन के तीन बड़े फैसले

  • क्रॉस FIR दर्ज: बीते 20 जून को कर्णप्रयाग की घटना में घायल हुए श्रद्धालु के पिता की शिकायत के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ क्रॉस FIR दर्ज कर ली गई है।
  • हरिद्वार पुलिस को ट्रांसफर: निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने के लिए केस को चमोली जिले से हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया गया है। अब हरिद्वार एसएसपी स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे।
  • पुलिस आचरण की जांच: सिख संगठनों ने आरोप लगाया था कि गिरफ्तार निहंगों को बिना दस्तार यानी पगड़ी के अदालत में पेश किया गया। इस कथित दुर्व्यवहार की जांच DIG यशवंत सिंह चौहान को दी गई है।

विवाद की जड़ और वर्तमान स्थिति

यह पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों और निहंगों के बीच हुई झड़प के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद मामला नगरासू स्थित गुरुद्वारे तक जा पहुंचा, जहां कुछ निहंगों ने छत पर कब्जा कर लिया और अपने साथियों की रिहाई की मांग करने लगे। गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने सोलर पावर सिस्टम को नुकसान पहुंचाया और पानी की आपूर्ति भी बाधित की। मौके पर पुलिस, ITBP और PAC के करीब 25 जवान तैनात किए गए हैं। हालांकि, निहंग परमवीर सिंह ने एक वीडियो संदेश में कहा है कि प्रशासन से बातचीत के बाद अब वे वहां से वापस लौट रहे हैं।

दिल्ली और पंजाब तक गूंज

इस विवाद का असर राज्य की सीमाओं से बाहर तक देखा गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। सीएम धामी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि देवभूमि में कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने रेजिडेंट कमिश्नर से मुलाकात कर सिखों की सुरक्षा और कृपाण रखने के अधिकारों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।

कौन हैं निहंग सिख?

निहंग सिखों को गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा स्थापित खालसा पंथ की 'गुरु दी लाडली फौज' कहा जाता है। निहंग का अर्थ होता है निर्भीक, जो सांसारिक मोह-माया से दूर रहकर धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहता है। सिख समाज इनके गौरवशाली इतिहास और परंपराओं के प्रति बेहद संवेदनशील है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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