भारत
3 घंटे पहले
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तनावपूर्ण स्थिति
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निहंग सिखों के एक समूह ने परिसर में जमकर हंगामा किया। निहंगों ने एक बुजुर्ग सिख तीर्थयात्री को बंधक बनाकर गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर कब्जा कर लिया है। शनिवार शाम से जारी इस घटना के बाद से वहां भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे हैं।
हथियारों से लैस हैं निहंग
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मौके पर करीब छह निहंग मौजूद हैं जो भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे घातक हथियारों से लैस हैं। इन लोगों की मुख्य मांग 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में गिरफ्तार किए गए निहंगों को रिहा करने की है। उल्लेखनीय है कि कर्णप्रयाग में वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से हुए विवाद और हमले के बाद पंजाब के मोहाली जिले के चार निहंग श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले को सुलझाने के लिए गढ़वाल आयुक्त भी मौके पर पहुंचे हैं।
कमरों को लेकर हुआ विवाद
गुरुद्वारे के प्रबंधकों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4:00 बजे मोहाली से आए इन निहंगों ने 50 से 60 कमरों की मांग की थी। प्रबंधकों का कहना है कि इतने कमरों की व्यवस्था न हो पाने के कारण निहंगों ने अचानक मारपीट और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में वे जबरन तीसरी मंजिल पर चढ़ गए और प्रवेश द्वार को अंदर से बंद कर लिया।
प्रशासन की समझाइश जारी
गुरुद्वारे के प्रबंधक सरदार बेअंत सिंह ने बताया कि निहंग किसी भी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई किए जाने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं। निहंगों की मांग है कि कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार साथियों को छोड़ा जाए और दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित पंजाब पहुंचाने का आश्वासन भी दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है।
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