उपनाम: उत्तराखंड
रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में तनाव, निहंग सिखों ने किया कब्जा और सेवादार को बनाया बंधक
उत्तराखंड के चमोली के बाद अब रुद्रप्रयाग में गुरुद्वारे को लेकर विवाद गहरा गया है, जहां निहंग सिखों ने नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया है।
द्रोणनगरी से शिक्षा की राजधानी तक: देहरादून के गौरवशाली इतिहास और बदलाव की कहानी
देहरादून केवल एक आधुनिक एजुकेशन हब ही नहीं, बल्कि इसका इतिहास पौराणिक काल से जुड़ा है। गुरु द्रोणाचार्य की तपोभूमि से लेकर विश्व प्रसिद्ध स्कूलों तक, जानिए इस शहर के विकास का सफर।
नैनीताल में रोमांचक छुट्टियाँ: ट्राई करें ये 7 एडवेंचर एक्टिविटीज, पैराग्लाइडिंग से वॉटर साइकिलिंग तक!
नैनीताल अब केवल बोटिंग और मॉल रोड तक सीमित नहीं रहा। अगर आप अपनी छुट्टियों को अविस्मरणीय बनाना चाहते हैं, तो यहां के 7 रोमांचक एडवेंचर स्पोर्ट्स आपका इंतजार कर रहे हैं, जिनमें पैराग्लाइडिंग और वॉटर साइकिलिंग शामिल हैं।
शादी के सीजन से पहले देहरादून के लहंगा शोरूम में भीषण आग, कारोबारी बोले- पैरों तले जमीन खिसक गई
देहरादून के एक बड़े लहंगा शोरूम में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे स्टॉक को राख कर दिया। यह हादसा ऐसे वक्त हुआ जब कुछ ही दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है।
मसूरी में होमस्टे के कमरे में खून से लथपथ मिली युवती का शव, पास पड़ी थीं शराब की बोतलें; सात महीने पहले हुई थी शादी
उत्तराखंड के मसूरी में पति के साथ घूमने आई 27 वर्षीय युवती की होमस्टे के कमरे में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। नाक से खून बहता और कमरे में खाली शराब की बोतलें मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
किशाऊ बांध परियोजना: 85 साल, 7 राज्य, 11500 करोड़ की लागत और 17 गांवों पर पलायन की मार, क्यों अधूरा है यह ‘नेशनल प्रोजेक्ट’
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में टौंस नदी पर प्रस्तावित 660 मेगावाट की किशाऊ बांध परियोजना 85 साल बाद भी हकीकत से दूर है। इस परियोजना की जद में दोनों राज्यों के 17 गांव आएंगे और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा।
नैनीताल में अनोखी पहल: बोतल लौटाने पर मिलेंगे 2 रुपये, क्यूआर कोड से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि
सरोवर नगरी नैनीताल को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका ने प्लास्टिक और कांच के कचरे की खरीद शुरू की है, जिसमें हर बोतल या निर्धारित वस्तु पर 2 रुपये डिजिटल भुगतान किया जा रहा है।
टॉप 5 पहाड़ी फल: काफल से किलमोड़ा तक, उत्तराखंड के जंगलों की ये पांच 'कैंडी' स्वाद और सेहत दोनों का खजाना
उत्तराखंड के जंगलों में बिना किसी रासायनिक खाद के उगने वाले ये पांच जंगली फल न सिर्फ स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं। काफल, हिसालू, किलमोड़ा, तिमला और बेडू आज भी बचपन की यादें ताजा कर देते हैं।
घाट खचाखच, होटल हाउसफुल; हरिद्वार में 76 लाख तो कैंची धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, थम गई सड़कें
सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में 76 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाई, जबकि नैनीताल के कैंची धाम में बाबा नीब करौरी आश्रम के स्थापना दिवस मेले में रिकॉर्ड 1,19,228 भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
'सालों से यहां आने का सपना देखा', अमेरिका के मैक्स क्यों पहुंचे कैंची धाम? बोले- बदल गई जिंदगी
कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अमेरिका से आए मैक्स विलियम की आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है, जो 2020 तक ईसाई धर्म का पालन करते थे।
केदारनाथ में भारी भीड़ की खबरें कितनी सच? होटल कारोबारी ने बताई असल तस्वीर, बोले- अफवाहों से बचें
हरिद्वार के होटल कारोबारियों के मुताबिक चार धाम यात्रा की व्यवस्थाएं सुधरने से यात्रियों का आना बढ़ा है। होटल एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी अखिलेश चौहान ने केदारनाथ-बद्रीनाथ में अत्यधिक भीड़ की सोशल मीडिया खबरों को अफवाह बताया।
कैंची धाम मेला: 'यहां आएगा पूरा विश्व'—नीम करौली बाबा की भविष्यवाणी सच, स्थापना दिवस पर उमड़े लाखों श्रद्धालु
उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज का स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास से मनाया जा रहा है, जहां देश-विदेश से आए लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है और भक्तों को बाबा का प्रिय मालपुआ प्रसाद बांटा जा रहा है।
बरेली से हल्द्वानी तक 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मंजूर, 6 शहरों की बदलेगी तस्वीर
केंद्र सरकार और एनएचएआई की योजना के तहत बरेली से हल्द्वानी के बीच 100 किलोमीटर लंबा चार लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा, जिससे यह सफर तीन घंटे से अधिक कम हो जाएगा।
हिमालय की गोद में प्रकृति ने उकेरा 'ॐ', शिव की इस दिव्य तपोस्थली के दर्शन से मिलती है परम शांति
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित ॐ पर्वत पर दूर से ही पहाड़ों के शिखर पर प्राकृतिक 'ॐ' का भव्य रूप दिखाई देता है। माना जाता है कि महादेव की इस तपोस्थली के दर्शन मात्र से मन को असीम शांति और सुकून मिलता है।
ऋषिकेश का 'आम बाग': जानिए कैसे पड़ा इस इलाके का यह अनोखा नाम
ऋषिकेश के 'आम बाग' इलाके का नाम कई दशक पहले यहां फैले आम के घने बागों के कारण पड़ा। आबादी बढ़ने और मकान बनने के बावजूद यह नाम और कई पुराने आम के पेड़ आज भी इसकी पहचान को जीवित रखे हुए हैं।