उपनाम: उत्तराखंड
ऋषिकेश के पुराने बाजार की वो 4 मशहूर दुकानें, जहां आज भी कायम है दशकों पुराना स्वाद
ऋषिकेश में आधुनिक कैफे और नए रेस्टोरेंट के बीच कुछ ऐसी पुरानी दुकानें हैं, जिन्होंने अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर पीढ़ियों से ग्राहकों का भरोसा बनाए रखा है।
बागेश्वर में सांतू-आठू लोकपर्व की धूम, मायके आईं गौरा और उन्हें लेने पहुंचे शिव
उत्तराखंड के बागेश्वर में पारंपरिक सांतू-आठू पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें गौरा और शिव के पौराणिक संबंधों को लोकगीतों और अनुष्ठानों के माध्यम से जीवंत किया जाता है।
रक्षाबंधन पर देहरादून की मशहूर मिठाइयां, जहां से मिठाई लेते ही खुश हो जाएंगे आपके भाई
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के चुनिंदा मिष्ठान भंडार अपने बेहतरीन स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं, जहां से आप रक्षाबंधन के खास मौके पर लाजवाब मिठाइयां खरीद सकते हैं।
ऋषिकेश में राजस्थानी स्वाद की धूम: सावन के मौके पर घेवर की तीन खास वैरायटी बनी आकर्षण
सावन के पावन महीने में ऋषिकेश के राजस्थानी मिष्ठान भंडार में घेवर की बहार आ गई है, जहां पर्यटक और स्थानीय लोग केसर रबड़ी समेत तीन विशेष प्रकार के घेवर का लुत्फ उठा रहे हैं।
पहाड़ी दाड़िम: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, जानें इस सुपरफूड के जबरदस्त फायदे
उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाने वाला दाड़िम पोषक तत्वों का पावरहाउस है। पाचन सुधारने से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक, यह फल सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना गया है।
कुमाऊं का खास पर्व घ्यू त्यार: घी नहीं खाने पर घोंघा बनने का है डर, जानें इस अनोखी परंपरा का महत्व
उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में सिंह संक्रांति के मौके पर घ्यू त्यार मनाया जा रहा है, जिसमें घी खाने की विशेष परंपरा है और इसे नई फसल व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
आजादी से पहले कैसा दिखता था बागेश्वर, जानिए कत्यूरी साम्राज्य से लेकर ब्रिटिश काल तक का गौरवशाली इतिहास
सरयू और गोमती के तट पर बसा बागेश्वर आज एक आधुनिक जिला मुख्यालय है, लेकिन आजादी से पहले यह स्थान अपनी शांत वादियों, समृद्ध संस्कृति और तिब्बत-कुमाऊं के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में मशहूर था।
बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से सरयू उफान पर, प्रशासन ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड के बागेश्वर में भारी बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। प्रशासन ने एहतियातन घाट खाली करा दिए हैं और कई रास्ते बंद होने से जनजीवन प्रभावित है।
ऋषिकेश की बदली तस्वीर: कभी बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों का मुख्य रास्ता हुआ करता था यह इलाका
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के आसपास का इलाका, जो आज बाजारों और भीड़भाड़ से भरा हुआ है, कभी बद्रीनाथ धाम की कठिन पैदल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव था। समय के साथ शहर के विकास ने इस ऐतिहासिक रास्ते की पहचान पूरी तरह से बदल दी है।
चमोली में बड़ा हादसा, पीपलाकोटी टनल में फँसे 20 से ज्यादा मजदूर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तराखंड के चमोली स्थित पीपलाकोटी में टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा और पानी भर जाने से 20 से अधिक श्रमिक फँस गए, जिनमें से 10 को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
क्या आपने कभी खाया है मंडुआ मोमोज? विदेश से लौटे युवा ने उत्तराखंड में पेश किया सेहत और स्वाद का अनूठा मेल
देहरादून के सुभाष रतूड़ी ने विदेश की चकाचौंध छोड़ अपनी मिट्टी से जुड़ने का फैसला किया और मंडुआ जैसे पारंपरिक अनाज से बने फास्ट फूड का स्टार्टअप शुरू किया। आज उनका 'मंडुआ किंग' आउटलेट मोमोज से लेकर पिज्जा तक के हेल्दी विकल्पों के लिए चर्चा में है।
पहाड़ों से सड़क किनारे तक कैसे आता है शीतल जल, जानें इसके पीछे का पूरा विज्ञान
उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सड़क किनारे बहती जलधाराएं अक्सर लोगों का ध्यान खींचती हैं, लेकिन इनके निर्माण की प्रक्रिया काफी जटिल और वैज्ञानिक है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्राकृतिक जलस्रोत कैसे बनते हैं और क्या इनका पानी पीना सुरक्षित है, आइए...
उत्तराखंड के गोलू देवता: जहां अर्जी लिखकर मिलता है न्याय और घंटियां बजाकर पूरी होती है मुराद
कुमाऊं क्षेत्र में न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले गोलू देवता के दरबार में भक्त अपनी फरियाद कागज पर लिखकर लाते हैं और मन्नत पूरी होने पर घंटियां अर्पित करते हैं।
उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से तबाही, पुल बहने से 13 गांवों का संपर्क टूटा
उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी में बादल फटने से हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां एक पुल के बह जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है और एक व्यक्ति लापता है।
आज 10 अगस्त को किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल? दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड समेत जानिए सभी अपडेट्स
भारी बारिश, कांवड़ यात्रा और छात्रों के प्रदर्शन के कारण 10 अगस्त को देश के कई हिस्सों में स्कूलों को बंद रखा गया है। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने से पहले स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को जांचने की सलाह दी गई है।