उपनाम: स्वरोजगार
कोडरमा: सब्जी की दुकान से तंगहाली में था परिवार, बेटे के एक आइडिया ने पलट दी किस्मत
झारखंड के कोडरमा निवासी अर्जुन महतो का परिवार पहले सब्जी बेचकर मुश्किल से गुजारा करता था, लेकिन बेटे दिलीप कुमार के सुझाव पर शुरू किए गए बेकरी के काम ने उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल दी है।
ट्रैक्टर मैकेनिक बनने का सुनहरा मौका, 60 दिन की फ्री ट्रेनिंग के साथ रहना और खाना भी मुफ्त
मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दे रहा है। इच्छुक उम्मीदवार 25 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
बस्तर के युवा सागर कश्यप का देसी मुर्गी पालन का अनोखा मॉडल, कम मेहनत में मिल रहा है बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बस्तर में रहने वाले युवा सागर कश्यप ने खेती के साथ मुर्गी पालन को अपनी अतिरिक्त आय का जरिया बनाया है। महज तीन मुर्गियों से शुरू किया गया यह काम अब बड़े मुनाफे के साथ 200 मुर्गों के व्यवसाय में बदल चुका है।
बत्तख पालन से बदली किस्मत, 7 लाख की लागत से खड़ा किया 50 लाख का सालाना टर्नओवर
पश्चिम चंपारण के 25 वर्षीय युवा आर्यन ने बत्तख पालन के अनोखे व्यवसाय से सफलता की नई इबारत लिखी है। आज वे महीने के 5 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
उत्तराखंड का पारंपरिक मसाला जम्बू: जानें पत्तियों को सुखाने का सही तरीका और कमाई का यह अनोखा जरिया
पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाला जम्बू ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है। जानिए इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने और पत्तियों को सुखाने का सही तरीका।
शिवपुरी की किन्ता शाक्य की कहानी: कैसे 5 बीघा जमीन वाली किसान बनीं 'लखपति दीदी'
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की किन्ता शाक्य ने सरकारी योजनाओं और मेहनत के दम पर अपनी तकदीर बदली है। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली किन्ता आज सालाना ₹2 लाख की अतिरिक्त कमाई कर रही हैं।
गोंडा: बिना नौकरी और बड़ी पूंजी के मधुमक्खी पालन से रामशंकर ने बदला अपना भाग्य, सालाना लाखों की कमाई
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले रामशंकर तिवारी ने मधुमक्खी पालन के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। आज उनका शहद का कारोबार लाखों रुपये का टर्नओवर पार कर चुका है और वह इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
जहानाबाद: ट्रैक्टर चलाकर गुजारा करने वाले उपेंद्र बने सफल उद्यमी, हर महीने हो रही है लाखों की कमाई
बिहार के जहानाबाद निवासी उपेंद्र कुमार ने कभी ट्रैक्टर चलाकर मेहनत-मजदूरी की थी, लेकिन सरकारी मदद से शुरू किए गए पेवर ब्लॉक के व्यवसाय ने आज उनकी तकदीर बदल दी है।
कोडरमा की मनीषा ने मुर्गी पालन से बदली तकदीर, कम निवेश में खड़ा किया मुनाफे का कारोबार
कोडरमा की रहने वाली मनीषा मेहता मुर्गी पालन के जरिए न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। सरकारी योजनाओं की मदद से उन्होंने बहुत कम पूंजी में इस व्यवसाय को सफलता के साथ शुरू किया है।
दिल्ली की मजदूरी से शुरू हुआ सफर, अब खिलौनों के व्यापार से कमाते हैं 20 हजार महीना
मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले मोहम्मद अंसारी ने कभी दिल्ली में मजदूरी की थी, लेकिन आज वे अपने खिलौनों के कारोबार से आत्मनिर्भर होकर हर महीने 20 हजार रुपए की कमाई कर रहे हैं।
8 हजार रुपये से शुरू किया फलों का काम, 20 साल की कड़ी मेहनत से बदली पूरन राठौर की किस्मत
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रहने वाले पूरन राठौर और उनकी पत्नी ने बेहद कम पूंजी से अपना सफर शुरू किया और दो दशक की ईमानदारी भरी मेहनत से आज अपने पूरे परिवार का सहारा बन गए हैं।
सफलता की मिसाल: 64 साल की लक्ष्मी हर 3 महीने में बदल देती हैं अपना बिजनेस, हर महीने कमाती हैं 50,000 रुपये
रांची की 64 वर्षीय लक्ष्मी अपने अनोखे बिजनेस मॉडल से न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी हुनर सिखाकर स्वावलंबी बना रही हैं।
बागेश्वर: प्रेमा कोरंगा की डेयरी ने बदली पशुपालकों की तकदीर, हर महीने हो रही एक लाख रुपये से अधिक की कमाई
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक स्थानीय डेयरी उद्यम ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल बन गया है, जहाँ दूध की नियमित बिक्री से किसानों को हर महीने लाखों की आय सुनिश्चित हो रही है।
लखपति दीदी योजना: सालाना 1 लाख रुपये तक की कमाई का सुनहरा मौका, जानिए आवेदन की प्रक्रिया
सरकार की लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा माध्यम है। इस पहल के जरिए 3 करोड़ महिलाओं की सालाना आय को कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
बीकॉम करने के बाद नहीं ढूंढी नौकरी, बुरहानपुर के 25 साल के नितेश का 'सीजनल फॉर्मूला' बना सफलता की कुंजी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले नितेश भगत ने पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागने के बजाय मौसमी व्यापार को चुना, जिससे वे सालभर कमाई कर रहे हैं।