उपनाम: स्टार्टअप
जहानाबाद के MBA भाई-बहन ने पेश की मिसाल, नौकरी का ऑफर ठुकराकर शुरू किया केक का बिजनेस, आज हो रहा लाखों का टर्नओवर
बिहार के जहानाबाद में रहने वाले भाई-बहन शैली और सौमिक ने नौकरी करने के बजाय अपने ही शहर में बिजनेस शुरू किया। साल 2021 में शुरू हुआ इनका यह सफर आज दो सफल आउटलेट्स तक पहुंच चुका है।
नौकरी को कहा अलविदा, 40 लाख का पैकेज छोड़कर पूर्णिया में खड़ा किया डेयरी का बड़ा साम्राज्य
इंद्र चौरसिया ने एमबीए करने के बाद मिलने वाली 40 लाख रुपये सालाना की आकर्षक नौकरी को छोड़कर अपने गृह नगर पूर्णिया में डेयरी का व्यवसाय शुरू किया और आज इसे एक सफल ब्रांड बना दिया है।
मछली के कारोबार में भाई-बहन की कमाल की पहल, स्टार्टअप से कमा रहे लाखों का मुनाफा
मंडला जिले के एक युवा ने अपनी बहन के साथ मिलकर मछली के उत्पादों का अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है, जिसके जरिए वे अब घर बैठे लाखों का कारोबार कर रहे हैं।
आरा में छाया चिया सीड का नाश्ता, प्रकाश के हेल्दी स्टार्टअप की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह धूम
बिहार के आरा शहर में रमना मैदान के पास प्रकाश द्वारा शुरू किया गया चिया सीड का नाश्ता मॉर्निंग वॉकर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना मिल रही है।
गीले कचरे का प्रबंधन: घर से शुरू करें खुद का बिजनेस और कमाएं मुनाफा
घर से निकलने वाला गीला कचरा किसी बेकार वस्तु से कम नहीं है, बल्कि यह एक बेहतरीन कच्चा माल है जिससे खाद और बायोगैस जैसी उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं।
उत्तर प्रदेश: जेन जेड और जेन अल्फा के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, नई युवा नीति से संवरेगी करियर की राह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की नई युवा नीति का ऐलान किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जेन जेड और जेन अल्फा पीढ़ी को आधुनिक कौशल और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
क्या आपने कभी खाया है मंडुआ मोमोज? विदेश से लौटे युवा ने उत्तराखंड में पेश किया सेहत और स्वाद का अनूठा मेल
देहरादून के सुभाष रतूड़ी ने विदेश की चकाचौंध छोड़ अपनी मिट्टी से जुड़ने का फैसला किया और मंडुआ जैसे पारंपरिक अनाज से बने फास्ट फूड का स्टार्टअप शुरू किया। आज उनका 'मंडुआ किंग' आउटलेट मोमोज से लेकर पिज्जा तक के हेल्दी विकल्पों के लिए चर्चा में है।
जमशेदपुर के 18 वर्षीय अक्षत ने पेश किया नया स्टार्टअप मॉडल, अब खरीदारी से होगी अतिरिक्त कमाई
जमशेदपुर के युवा उद्यमी अक्षत सिंह ने CIPIDP नामक एक खास ऐप विकसित किया है, जो खरीदारी के जरिए कम आय वर्ग के लोगों के लिए कमाई का जरिया बनेगा।
जमशेदपुर के कपल की प्रेम कहानी से जन्मा यह स्टार्टअप, अब विदेशों में भी मशहूर हैं उनकी खुशबूदार मोमबत्तियां
जमशेदपुर के रहने वाले स्नेहप्रिया और निखिल ने एक अनोखी समस्या के समाधान के रूप में 'Phases Handcrafted' नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जो आज सुगंधित कैंडल्स के जरिए देश और विदेश में अपनी पहचान बना चुका है।
रांची की इशिता का शानदार बिजनेस आइडिया: चार्म्स बेचकर कमा रही हैं महीने के 60,000 रुपये
रांची की इशिता ने मल्टीनेशनल कंपनी की लाखों की नौकरी छोड़कर चार्म्स का अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है, जहां वे 2000 से अधिक वैरायटी के उत्पाद बेचकर हर महीने 60,000 रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
युवाओं को देश का सबसे बड़ा संबल बताया प्रधानमंत्री मोदी ने, मैसूर में स्वामी विवेकानंद स्मारक का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूर में युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की वैश्विक प्रगति और स्टार्टअप क्षेत्र में सफलता के पीछे देश के युवाओं की मेहनत और काबिलियत का हाथ है।
जमशेदपुर की मुस्कान और स्मिता ने छोड़ी नौकरी, सड़क किनारे 'कपड़ा क्वीन' स्टार्टअप से बदली किस्मत
जमशेदपुर की दो युवा महिलाओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद सड़क किनारे कपड़े का स्टार्टअप शुरू किया और आज कम कीमत में ट्रेंडी फैशन बेचकर अपनी अलग पहचान बना ली है।
जमशेदपुर की विनी का अनोखा स्टार्टअप: हैंडमेड साबुनों ने रक्षाबंधन के बाजार में बढ़ाई रौनक
जमशेदपुर की विनी ने बाथ एंड बबल्स नाम से एक नया स्टार्टअप शुरू किया है, जिसके तहत वे पूरी तरह से प्राकृतिक और आकर्षक हैंडमेड साबुन तैयार कर रही हैं। इन साबुनों की विशेष बनावट और खुशबू के कारण रक्षाबंधन के मौके पर इनकी भारी मांग देखी जा रही है।
कोडरमा के निर्भय ने दिखाई कमाल, पुरानी एंबेसडर कार को बना दिया चलता-फिरता तंदूरी किचन
कोडरमा के रहने वाले निर्भय कुमार ने नौकरी छोड़कर एक पुरानी एंबेसडर कार को आधुनिक तंदूरी किचन में बदल दिया है, जहाँ लोग कोयले पर बने जायकेदार व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं।
कोडरमा के राजकुमार की प्रेरणादायक कहानी: चेन्नई में करते थे मजदूरी, अब झाड़ू बनाकर कमा रहे हैं लाखों रुपये
झारखंड के कोडरमा निवासी राजकुमार साव ने चेन्नई में सीखी कला को अपना हथियार बनाया और गांव लौटकर एक सफल झाड़ू निर्माण का स्टार्टअप शुरू किया। आज वे अपनी मेहनत से हर महीने 4 से 5 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।