जमशेदपुर के 18 वर्षीय अक्षत ने पेश किया नया स्टार्टअप मॉडल, अब खरीदारी से होगी अतिरिक्त कमाई झारखंड 2 घंटे पहले 2
जमशेदपुर के युवा उद्यमी अक्षत सिंह ने CIPIDP नामक एक खास ऐप विकसित किया है, जो खरीदारी के जरिए कम आय वर्ग के लोगों के लिए कमाई का जरिया बनेगा।

जमशेदपुर के युवा का अनूठा नवाचार

झारखंड के जमशेदपुर शहर के रहने वाले 18 वर्षीय अक्षत सिंह ने तकनीक और व्यापार का एक अनूठा संगम तैयार किया है। अक्षत ने CIPIDP नाम से एक स्टार्टअप की परिकल्पना की है, जिसका मुख्य उद्देश्य खरीदारी को कमाई के एक नए अवसर में बदलना है। यह स्टार्टअप विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिनकी आय सीमित है। अक्षत ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर पिछले करीब एक साल से लगातार काम किया है और अब वे इसे धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

XLRI की टीम से मिला सहयोग

अपने इस स्टार्टअप आइडिया को एक सफल व्यावसायिक मॉडल में बदलने के लिए अक्षत ने एक्सएलआरआई (XLRI) की XCEED टीम के साथ हाथ मिलाया है। यह टीम नए स्टार्टअप्स को शुरूआती स्तर से लेकर उनके विकास और लोगों तक पहुँचने की प्रक्रिया में मदद करती है। टीम के साथ जुड़ने के बाद अक्षत को अपने काम के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और संसाधन मिलने शुरू हो गए हैं, जिससे उनके स्टार्टअप को एक नई गति और मजबूती मिल रही है।

क्या है भविष्य की खरीदारी का यह मॉडल?

अक्षत के इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खूबी इसका भविष्य की खरीदारी यानी फ्यूचर परचेज का मॉडल है। यह व्यवस्था ग्राहकों को एक अलग सुविधा देती है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफार्मों या किसी स्थानीय दुकान से कोई सामान खरीदना चाहता है, लेकिन वह उस उत्पाद को तुरंत नहीं खरीदना चाहता, तो वह उसे इस ऐप के जरिए पहले ही बुक कर सकता है। ग्राहक के पास यह विकल्प होगा कि वह उस सामान को एक साल के भीतर या अपनी सुविधानुसार एक निश्चित समय के बाद खरीदे। यह मॉडल खरीदारी के पुराने पारंपरिक तरीके को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।

आय का वितरण और जरूरतमंदों को लाभ

इस स्टार्टअप के पीछे का मुख्य उद्देश्य सामाजिक आर्थिक लाभ पहुंचाना है। इस मॉडल के तहत, जब भी कोई ग्राहक ऐप के जरिए कोई खरीदारी करेगा, तो उस पर मिलने वाले कमीशन को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा। इस कमीशन का एक भाग ऐप के संचालन के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि एक बड़ा हिस्सा उन लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा जिनकी आय बहुत कम है।

इस योजना में मुख्य रूप से छोटे दुकानदारों, कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों, डिलीवरी पार्टनर्स, ड्राइवरों और दिहाड़ी मजदूरों को शामिल किया जाएगा। अक्षत की योजना के मुताबिक, 5 हजार रुपये से 15 हजार रुपये के बीच मासिक आय वाले सत्यापित लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें उनकी नियमित कमाई के अलावा एक अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके।

अक्षत का विजन और सामाजिक दृष्टिकोण

इस स्टार्टअप की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए अक्षत बताते हैं कि उन्होंने ऐसे लोगों की समस्याओं को करीब से देखा है, जिनके लिए दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे परिवारों के लिए भविष्य की बचत या अचानक आने वाले खर्चों के लिए पैसे बचाना लगभग नामुमकिन सा होता है। अक्षत का मानना है कि यदि खरीदारी जैसी सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से इन लोगों को थोड़ी अतिरिक्त आय प्राप्त हो जाए, तो यह उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है, जिसमें ग्राहक, दुकानदार और समाज का जरूरतमंद वर्ग एक साथ जुड़कर लाभ उठा सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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