झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ अपनाई नई राह
झारखंड की राजधानी रांची की निवासी इशिता आज अपनी उद्यमिता और रचनात्मक सोच के दम पर एक सफल सफर तय कर रही हैं। कभी पुणे की एक जानी-मानी मल्टीनेशनल कंपनी में लाखों रुपये का वेतन पाने वाली इशिता ने पांच साल पहले अपने करियर की दिशा बदलने का साहसी निर्णय लिया। कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब वह अपने घर रांची लौटीं, तो उन्होंने एक नए बिजनेस की नींव रखने के बारे में सोचा। यही वह समय था जब उन्होंने चार्म्स यानी छोटे और आकर्षक मेटल ऑब्जेक्ट्स बनाने की शुरुआत की।
क्या होते हैं ये चार्म्स
इशिता के अनुसार, चार्म्स बहुत ही सूक्ष्म और स्टाइलिश वस्तुएं होती हैं, जिन्हें लोग अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करते हैं। इनके कलेक्शन में मेटल से बने छोटे फुटबॉल, क्रिकेट के सितारों की तस्वीरें, मोमोज, बर्गर जैसी खाद्य सामग्री के प्रतिरूप और अन्य रचनात्मक आकृतियां शामिल हैं। इन छोटी और बारीक चीजों का उपयोग मुख्य रूप से की-रिंग, फ्रिज मैग्नेट, कॉपी के कवर, वाहनों की सजावट या फिर लॉकेट के रूप में किया जाता है। लोग अपनी पसंद की चीजों को इन प्रतीकों के माध्यम से अपने साथ रखना पसंद करते हैं।
2000 से अधिक डिजाइन्स का विशाल संग्रह
इशिता ने बताया कि उनके पास वर्तमान में 2000 से अधिक विभिन्न प्रकार के चार्म्स का विशाल संग्रह मौजूद है। यदि किसी का मित्र फुटबॉलर रोनाल्डो या मेसी का प्रशंसक है, तो वह उनके लिए उस खिलाड़ी की मेटल आकृति वाला चार्म चुन सकता है। खाने के शौकीन लोगों के लिए भी उन्होंने अलग-अलग डिशेज के छोटे वर्जन तैयार किए हैं, जिन्हें लॉकेट के रूप में पहना जा सकता है। इसके अलावा, महिलाएं अपने कपड़ों और जींस पर सजावट के लिए भी इनके चार्म्स का उपयोग करती हैं। हैंडबैग्स को स्टाइलिश बनाने के लिए भी ये काफी लोकप्रिय हैं। इशिता का दावा है कि उनके सभी डिजाइन्स पूरी तरह से यूनिक हैं और उन्हें विशेष रूप से तैयार करवाया गया है। इनके उत्पादों की कीमत 300 रुपये से शुरू होकर 1000 रुपये तक है।
इंस्टाग्राम से देश भर में मिली पहचान
इस यूनिक बिजनेस का विचार उन्हें बड़े शहरों की यात्रा के दौरान आया। बड़े महानगरों में छोटे और स्टाइलिश सजावटी सामानों का क्रेज देखकर इशिता ने इसे रांची में भी लाने की ठानी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपना एक पेज बनाया और अपने उत्पादों के छोटे-छोटे वीडियो पोस्ट करने शुरू किए। आज इसका परिणाम यह है कि उन्हें न केवल रांची से, बल्कि बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई जैसे बड़े शहरों से भी भारी मात्रा में ऑर्डर मिलते हैं। इशिता बताती हैं कि अब हर महीने उन्हें आसानी से 500 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हो जाते हैं।
बदली जीवन की दिशा और दूसरों को दिया रोजगार
इशिता के बिजनेस का विस्तार उनके मैनेजमेंट कौशल को भी दर्शाता है। पहले वह खुद एक कर्मचारी थीं, लेकिन अब वह एक उद्यमी के रूप में 4 लोगों को रोजगार दे रही हैं। उन्होंने बताया कि बिजनेस से जुड़े सभी क्रिएटिव आइडियाज उनके स्वयं के होते हैं। आज अपनी मेहनत के बल पर वह महीने में 60,000 रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं। इशिता की कहानी उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो कॉर्पोरेट की चकाचौंध से हटकर अपनी रुचि और रचनात्मकता के माध्यम से समाज में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
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