उपनाम: सरगुजा
सड़क किनारे स्टॉल लगाकर सजावटी कला को दे रहीं नई पहचान, सरगुजा की इन दो बहनों का जज्बा है मिसाल
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में दो बहनों, मृगाक्षी और मृणाली ने आर्थिक मजबूरी के बजाय अपने शौक को करियर में बदलने के लिए लियानबी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। वे सड़क किनारे स्टॉल लगाकर मोजेक और लिप्पन आर्ट जैसी कलाकृतियां बेच रही हैं और अन्य युवाओं को प्रेरि...
खेती की नई राह: 120 दिन में तैयार होने वाली रागी से बढ़ रही है किसानों की कमाई, जानें पूरा गणित
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में किसान रागी यानी मड़िया की पारंपरिक खेती की ओर फिर से रुख कर रहे हैं। कम लागत और बेहतर बाजार भाव के कारण यह फसल किसानों के लिए एक मुनाफे का जरिया बनती जा रही है।
धान की खेती में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी 'चोपी' तकनीक, कम खर्च में बंपर मुनाफे का तरीका
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान अब पारंपरिक चोपी खेती तकनीक को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। यह विधि कम लागत और कम पानी में भी बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने में सक्षम है।
अंबिकापुर के मां महामाया मंदिर के प्रसाद में बड़ा घोटाला, शक्कर की जगह मिलाया जा रहा था खतरनाक एस्पार्टेम
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के प्रसाद में मिलावट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जांच में लड्डुओं के अंदर हानिकारक आर्टिफिशियल स्वीटनर पाया गया है।
धान की बंपर पैदावार के लिए BNR-2111 है बेस्ट वैरायटी, कम पानी और सूखे में भी देगी अच्छा मुनाफा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान अब कम पानी और सूखे खेतों के लिए धान की विशेष BNR-2111 किस्म को अपना रहे हैं। यह कम समय में तैयार होने के साथ ही बेहतरीन उत्पादन क्षमता के लिए चर्चा में है।
मानसून की दस्तक के साथ ही खूबसूरत हो उठते हैं सरगुजा के ये वाटरफॉल, प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानसून आते ही वहां के झरने अपने पूरे शबाब पर होते हैं। प्रकृति की गोद में बसे ये वाटरफॉल सैलानियों को एक अद्भुत और यादगार अनुभव प्रदान करते हैं।
सरगुजा में खूनी खेल: चरित्र पर संदेह के चलते पत्नी ने डंडे और पत्थर से कर दी पति की हत्या
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक विवाहित जोड़े के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां पत्नी ने पति की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
बरसात के मौसम में खेतों में मिलता है सेहत का खजाना, बीपी और शुगर पर ऐसे करता है असर
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बरसात के दौरान नदी-नालों में पाए जाने वाले केकड़े से बनने वाला व्यंजन स्वाद और स्वास्थ्य का अनूठा मेल है। स्थानीय लोग इसे कमजोरी दूर करने और कई बीमारियों में राहत देने वाला मानते हैं।
छत्तीसगढ़: पत्नी से विवाद के बाद CRPF जवान ने की खुदकुशी, जम्मू-कश्मीर में था तैनात
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। परिजनों ने जवान की पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरगुजा: घरों को सांपों से सुरक्षित रखने के लिए अपनाई जा रही अनोखी परंपरा, चौखट पर लगाते हैं नागफनी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लोग सांपों से बचाव के लिए सदियों पुरानी परंपरा निभा रहे हैं। घरों की चौखट पर नागफनी का पौधा लगाना वहां एक आम चलन है जिसे सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
अंबिकापुर: रिश्वतखोरी के वायरल ऑडियो पर रो पड़ीं महापौर मंजूषा भगत, कहा- आदिवासी होने के कारण हो रही साजिश
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मीना बाजार की अनुमति के लिए कथित रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल होने के बाद महापौर मंजूषा भगत थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
एमकॉम डिग्रीधारी मोनू तिवारी की अनोखी पहल, ढाई एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की बंपर खेती
सरगुजा के युवा किसान ने प्राइवेट नौकरी को अलविदा कहकर खेती को अपना करियर बनाया है। अब वे अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ढाई एकड़ जमीन पर ग्राफ्टेड बैंगन की पैदावार कर रहे हैं।
सरगुजा: बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए बनाया जाता है 'फूंद्रा', मंत्रों से सिद्ध होता है यह धागा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में नवजात शिशुओं को बुरी नजर और बीमारियों से बचाने के लिए एक प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है, जिसे फूंद्रा कहा जाता है।
कौवों के नाम पर बसा अनोखा गांव! 1962 की तिब्बती बसाहट से जुड़ी है 'कौवा डांड' की दिलचस्प कहानी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित 'कौवा डांड' को यह नाम 1962 में यहां बसे तिब्बती समुदाय ने दिया था, क्योंकि उस दौर में यहां कौवों की भरमार थी। आज भी सुबह-शाम सैकड़ों कौवों की आवाज इस जगह को खास पहचान देती है।
ठंड के लिए मशहूर मैनपाट अब गर्मी की चपेट में, 40 डिग्री तापमान से लोग परेशान
छत्तीसगढ़ का शिमला कहलाने वाला मैनपाट कभी अपनी ठंडी आबोहवा के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां तापमान करीब 40 डिग्री तक पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी से लोग एसी-कूलर अपनाने को मजबूर हैं और पर्यटन व स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ा है।