हिमाचल: उफनते नाले को बुलडोजर से पार कर पलजोम ने बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा, जज्बे को सलाम हिमाचल प्रदेश 2 महीने पहले 77
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम लाहौल में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को बुलडोजर से पार किया ताकि समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा सके।

कर्तव्य की राह में बाधा बनी कुदरत

हिमाचल प्रदेश के कठिन भौगोलिक हालातों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर इलाकों तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। हाल ही में लाहौल की तोद घाटी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल साहस की मिसाल है, बल्कि हर किसी का दिल जीत रही है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की एक कार्यकर्ता ने अपनी ड्यूटी निभाने के लिए किसी भी खतरे की परवाह नहीं की और उफनते नाले को बुलडोजर के सहारे पार कर लिया।

बुलडोजर बना जरिया

इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली स्वास्थ्य कार्यकर्ता का नाम पलजोम बुट्टी है। वे लाहौल घाटी के दारचा क्षेत्र में अपनी सेवाएं देती हैं। 28 जून को जब देश भर में पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा था, तब पलजोम के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। गर्मी बढ़ने के कारण बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिसकी वजह से इलाके के नदी और नाले पूरी तरह उफान पर हैं। जब पलजोम मयाड़ नाले के पास पहुंचीं, तो रास्ता पूरी तरह बंद था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एक बुलडोजर चालक से मदद ली। उन्होंने बुलडोजर के ऊपर सवार होकर जान जोखिम में डाली और उफनते नाले को पार करके दुर्गम क्षेत्र के बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की।

सोशल मीडिया पर छाई हिम्मत

पलजोम की इस कर्तव्यनिष्ठा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनकी हिम्मत और अपने काम के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस वीडियो ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो प्रकृति की बाधाएं भी राह नहीं रोक सकतीं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा समय पर पोलियो की जीवनरक्षक खुराक बच्चों तक पहुंचाने के इस प्रयास को हर कोई सलाम कर रहा है।

मंडी की कमला देवी की यादें

हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान दांव पर लगाकर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बीते वर्ष मंडी जिले की चौहारघाटी के सुधार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कमला देवी का नाम भी इसी तरह चर्चा में आया था। उन्होंने भी इसी प्रकार उफनते नाले को पार करके बच्चों तक वैक्सीन पहुंचाई थी। उस दौरान उनके अदम्य साहस को देखते हुए सीरम कंपनी की ओर से उन्हें 5 लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया था। अब एक बार फिर पलजोम बुट्टी ने उसी जज्बे को दोहराकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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