सिरोही की उर्मिला का कमाल: क्रिकेट के मैदान में स्टंप आउट कीं सामाजिक बंदिशें क्रिकेट 3 घंटे पहले 3
सिरोही की रहने वाली उर्मिला चौधरी ने तमाम सामाजिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है और आज वे पुणे में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रही हैं।

रूढ़ियों को मात देती उर्मिला की कहानी

राजस्थान के सिरोही जिले के पोसीतरा गांव की रहने वाली उर्मिला चौधरी की सफलता की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है। एक ऐसा दौर भी था जब समाज की ओर से उन पर घर की चारदीवारी में रहकर घास काटने और गोबर उठाने जैसे कामों तक ही सीमित रहने का दबाव डाला जाता था। हालांकि, उर्मिला ने इन जंजीरों को तोड़ने का फैसला किया और क्रिकेट को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया।

धोनी से मिली प्रेरणा

उर्मिला ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रभावित होकर विकेटकीपिंग में अपना करियर बनाने की ठानी। शुरुआत में उनके लिए राहें आसान नहीं थीं, क्योंकि परिवार और समाज दोनों से उन्हें कड़ा विरोध झेलना पड़ा। लेकिन उर्मिला ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने परिवार को पास के ही गांव की फुटबॉल खेलने वाली लड़कियों का उदाहरण दिया और उन्हें समझाने में सफल रहीं। उनकी मेहनत रंग लाई और आज वह पुणे की एक क्रिकेट एकेडमी में पेशेवर प्रशिक्षण ले रही हैं।

मैदान पर बढ़ते कदम

उर्मिला अपने खेल के दम पर सिरोही का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला स्तर के मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि उन्होंने जून 2024 में आयोजित चैलेंजर्स ट्रॉफी में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उर्मिला का हौसला बुलंद है और उनका स्पष्ट कहना है कि वह अपनी शादी के बाद भी क्रिकेट का मैदान नहीं छोड़ेंगी और खेल के प्रति अपना समर्पण जारी रखेंगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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