उपनाम: प्राकृतिक खेती
रासायनिक खेती को कहा अलविदा, जैविक खेती से बिलासपुर के किसान जदूनंदन वर्मा ने बदली अपनी किस्मत
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक प्रगतिशील किसान दंपति ने पारंपरिक रासायनिक खेती का मोह त्यागकर जैविक पद्धति अपनाई है और आज लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।
युवाओं के सपनों को सच करने के लिए हर संभव मदद देगी सरकार: इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव' में बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
इंदौर में आयोजित 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026' में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं और साल 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने का संकल्प लिया।
छत्तीसगढ़ में विकास का नया रोडमैप: बस्तर बनेगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बड़ा केंद्र, जिलों के लिए तैयार होगा अलग आर्थिक मॉडल
छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से आयोजित चिंतन शिविर 3.0 में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनमें बस्तर को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में उभारना और प्रशासनिक स्तर पर AI का उपयोग शामिल है।
प्राकृतिक खेती से कैसे बढ़ाएं मुनाफा, पद्मश्री सम्मानित किसान ने साझा की अपनी रणनीति
बढ़ती लागत और मिट्टी की सेहत को लेकर चिंतित किसानों के लिए प्राकृतिक खेती एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। पद्मश्री से सम्मानित प्रगतिशील किसान भारत भूषण त्यागी ने बताया कि कैसे यह पद्धति न केवल खर्च कम करती है, बल्कि लोगों को सेहतमंद जीवन भी प्रदान करती है।
फिरोजाबाद के किसान का कमाल: 1 बीघे में 80 हजार की कमाई, जानिए खेती का अनोखा तरीका
फिरोजाबाद के एक प्रगतिशील किसान ने सहफसली खेती अपनाकर मुनाफा दोगुना कर लिया है। बिना किसी रासायनिक खाद के खेती कर वे बंपर पैदावार ले रहे हैं।
चित्रकूट में बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर खोलने का मौका, 27 जून तक करें आवेदन
चित्रकूट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए कृषि विभाग ने आवेदन मांगे हैं। चयनित आवेदकों को 1 लाख रुपये तक का अनुदान भी मिलेगा।
महंगी यूरिया-डीएपी से मिलेगी राहत, धान बोने से पहले अपनाएं यह प्राकृतिक उपाय, और उपजाऊ होगी खेत की मिट्टी
धान की खेती में यूरिया और डीएपी की बढ़ती कीमत व किल्लत से जूझ रहे किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती और हरी खाद का सुझाव दिया है, जिससे लागत घटती है और पैदावार बेहतर होती है।
एक कटहल इतना भारी कि उठाने के लिए चाहिए दो लोग! मुरादाबाद के किसान की जैविक खेती से बंपर कमाई
मुरादाबाद के किसान चंद्र प्रकाश सिंह बिना केमिकल और यूरिया के 50 किलो से एक क्विंटल तक का कटहल उगा रहे हैं, जिसकी बाजार में जबरदस्त मांग है। पीढ़ियों पुरानी इस जैविक खेती से उन्हें लागत के बिना शुद्ध मुनाफा मिल रहा है।
न यूरिया, न डीएपी और न दवा... फिर भी मिलेगी जबरदस्त उपज! जानिए खेती का देसी तरीका
खाद और दवाओं का खर्च बढ़ने के बीच प्राकृतिक खेती किसानों के लिए राहत बनकर सामने आई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ के मुताबिक इस तरीके से कद्दू वर्गीय सब्जियां शून्य लागत पर उगाई जा सकती हैं।
जैविक खेती का देसी नुस्खा: घर पर बनाएं पंचगव्य खाद, कम खर्च में पाएं तंदुरुस्त फसल
देसी गाय के पांच तत्वों से तैयार पंचगव्य खाद कम लागत में मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता दोनों बढ़ाती है, जिसे किसान आसानी से घर पर बना सकते हैं।
ब्रिक्स कृषि बैठक का समापन: 'इंदौर डिक्लेरेशन' में 4 बड़े फैसले, शिवराज सिंह चौहान ने दी पूरी जानकारी
इंदौर में भारत की अध्यक्षता में हुई ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक 'इंदौर डिक्लेरेशन' के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार यह घोषणा-पत्र खाद्य सुरक्षा, जलवायु-अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल कृषि को मजबूती देने...
औषधीय खेती से बदली तकदीर: 50 हजार लगाकर रोज हजारों कमा रहे अंबाला के किसान अजय सिंह
अंबाला के बराड़ा क्षेत्र के किसान अजय सिंह ने डेढ़ एकड़ जमीन पर औषधीय पौधों की खेती शुरू की और शुरुआती करीब 50 हजार रुपये के खर्च से अब प्रतिदिन हजारों रुपये की आय हासिल कर रहे हैं।
रासायनिक खाद और कीटनाशक को कहा अलविदा, इस किसान के ऑर्गेनिक बैंगन बने लोगों की पहली पसंद
मुरादाबाद के किसान ओमप्रकाश सिंह वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत और केंचुआ खाद की मदद से जहरमुक्त बैंगन उगा रहे हैं और इन्हें पड़ोसियों को मुफ्त बांटकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं।
चेडाबार का 'चंदन बगान': प्राकृतिक आम से हर सीजन लाखों की कमाई, दिल्ली-भोपाल तक पहुंच रहा स्वाद
पलामू के चेडाबार गांव में 15 साल पहले लगाया गया 'चंदन बगान' रसायनमुक्त, प्राकृतिक रूप से पके आमों के लिए मशहूर है और किसान को हर सीजन में लाखों रुपये की आमदनी कराता है। यहां के आमों की मांग दिल्ली और भोपाल जैसे बड़े शहरों तक है।
खेत बचाने की मुहिम: शिवहर में घर-घर पहुंचकर किसानों को सिखाई जा रही जैविक खेती
शिवहर में राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत कृषि वैज्ञानिक खुद किसानों के घर पहुंचकर जैविक और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह विशेष अभियान 30 जून तक चलेगा।